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बदायूँ: माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूँ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूँ द्वारा आज दिनांक 12.09.2026 को जनपद बदायूँ में समय प्रातः 10ः00 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
सुश्री रिन्कू, प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा जनपद न्यायालय, बदायूँ परिसर में माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पाँजली अर्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित करके राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर माननीय प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा विचार व्यक्त किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को सम्पूर्ण राष्ट्र में न्याय पर्व के रूप तथा जन-कल्याणकारी दिवस के रूप में आयोजित किया जाना चाहिए इसके अतिरिक्त समस्त न्यायिक अधिकारीगण व बैंक अधिकारीगण को अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए अग्रिम बधाई दी।
सुश्री रिन्कू, प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा जनपद न्यायालय, बदायूँ द्वारा अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक पर्व है जहां पर पक्षकार अपने-अपने हितों के अनुरूप आपसी समझौते के आधार पर सस्ता एवं सुलभ न्याय प्राप्त कर सकते है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा बैंक अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को धन्यवाद करते हुये कहा कि आम-जन अपने बैंक विवादों को आपसी समझौते के आधार पर निस्तारित करा सकते हैं।
श्री अंकित रस्तोगी अपर सिविल जज (सी0डि0)/त्वरित न्यायाधीष/प्र्र्र्र्र्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुये बताया कि आम-जन न्यायालय में लम्बित विवादों जैसे आपराधिक शमनीय वाद, एन०आई० एक्ट-अन्तर्गत धारा 138 मोटर दुर्घटना सम्बन्धित वाद, वैवाहिक/पारिवारिक विवाद श्रम सम्बन्धी वाद, भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी वाद किरायेदारी, टैªफिक चालान, राजस्व बाद, विद्युत बिल आदि विवादों का निस्तारण इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करवा सकते है। इसी क्रम में उनके द्वारा सभी को राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल बनाये जाने हेतु अपना-अपना सहयोग दिये जाने की अपील की गयी।
राष्ट्रीय लोक अदालत में माननीय प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, बदायूँ एवं माननीय अपर प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, बदायूं द्वारा अपने न्यायालयों में आपसी समझौते के आधार पर कुल 102 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया।
माननीय पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बदायूँ द्वारा कुल 86 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं का निस्तारण कर अंकन 5,20,81,800/- रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
श्रीमान अध्यक्ष, न्यायालय उपभोक्ता फोरम, बदायूँ द्वारा 5 वादों में से 4 वाद का निस्तारण कर अंकन 19,46,496/- रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलायी गयी।
श्रीमान अध्यक्ष, न्यायालय स्थाई-लोक अदालत, बदायूँ द्वारा 20 वादों में से 2 वाद का निस्तारण किया गया।
श्रीमान मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट, बदायूँ द्वारा लगभग कुल 1954 मामलों का निस्तारण
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन से सम्बन्धित वादों में भारत संचार निगम लि० के 6 विद्युत विभाग के 1159 राजस्व सम्बन्धित 395 मामले 870 स्थानीय निकाय के मामले, विभिन्न बैंकों के मामले एवं अन्य प्रकार के लगभग 43993 मामले थे। इस प्रकार लगभग कुल 46617 प्री-लिटिगेशन मामलों का एवं न्यायालयों में लम्बित फौजदारी एवं सिविल वादों में लगभग 7854 वादों का निस्तारण हुआ।
इस प्रकार उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में लगभग कुल 56425 वादों का निस्तारण हुआ। जिसमें समस्त वादों के अन्तर्गत लगभग अंकन 54035895/- रूपये मात्र की धनराषि बसूल की गयी।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय बदायूँ के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण, समस्त न्यायिक कर्मचारीगण, समस्त पराविधिक स्वयंसेवकगण व सभी सम्बन्धित बैंक के अधिकारीगण, उपस्थित हुये। सभी के समेकित प्रयासों से उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सका है।
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Budaun Amarprabhat