लखनऊ/बदायूं। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा द्वारा दिवंगत परिजनों की पावन स्मृति को संजोने के उद्देश्य से आयोजित विशेष साहित्यिक कार्यक्रम ‘प्रणाम’ गत 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुस्तक मेला परिसर में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। साहित्य, स्मृति और मानवीय संवेदना के इस त्रिवेणी संगम में जाने-माने गीतकार डॉ. राजीव राज को इस वर्ष के प्रतिष्ठित ‘डॉ. उर्मिलेश स्मृति सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
यह सम्मान डॉ. उर्मिलेश की धर्मपत्नी श्रीमती मंजुला शंखधार तथा उनके तीनों बच्चों—डॉ. सोनरूपा विशाल, श्रीमती रजतूपा एवं डॉ. अक्षत अशेष—द्वारा संयुक्त रूप से डॉ. राजीव राज को भेंट किया गया। समारोह में राज्य सूचना आयोग के स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति उल्लेखनीय रही, जिन्होंने आयोजन की सार्थकता की सराहना की।
सम्मान समारोह के उपरांत एक भव्य काव्य सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें आमंत्रित रचनाकारों ने अपनी भावपूर्ण कविताओं और गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। काव्य गोष्ठी में श्री नरेंद्र गरल, श्री बलराम श्रीवास्तव, श्री अर्जुन सिंह चाहान, श्री गजेंद्र प्रयांशु और डॉ. राजीव राज ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का पाठ किया। इस अवसर पर सभा की ओर से सभी प्रतिभागी साहित्यकारों को अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया गया।
‘प्रणाम’ का मूल ध्येय साहित्य और संवेदना के माध्यम से दिवंगत पूर्वजों व साहित्य-मनीषियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करना था। बड़ी संख्या में उपस्थित काव्यप्रेमियों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कवियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के समापन पर उत्तर प्रदेश साहित्य सभा के अध्यक्ष डॉ. सर्वेश अस्थाना ने सभी अतिथियों, रचनाकारों और साहित्य अनुरागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat