गोविंद देवल, संवाददाता
बदायूं। म्याऊ क्षेत्र के गंगाधर पाठक बाल विद्या मंदिर गूरा बरैला में भारत स्काउट गाइड संस्था द्वारा आयोजित शिविर के दूसरे दिन बच्चों और शिक्षकों ने प्रशिक्षण गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर के दौरान खोज के चिन्हों की सहायता से ऐतिहासिक, धार्मिक एवं दर्शनीय तीर्थ स्थलों तक हाईक कराई गई, जिससे बच्चों में साहस, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।
शिविर में प्राथमिक चिकित्सा, गांठें बंधन, तंबू निर्माण एवं गैजेट्स की ट्रेनिंग दी गई। स्काउट शिक्षक गौरव सिंह एवं वेदराम के नेतृत्व में स्काउट गाइड ने मॉक ड्रिल का अभ्यास किया। इस दौरान बच्चों को विपरीत परिस्थितियों में जीवन रक्षा के उपाय बताए गए। स्काउट शिक्षकों ने कहा कि विपत्तियों के समय सजग रहना चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में घबराएं नहीं, धैर्य और हिम्मत से काम लें। स्वयं को हर समय तैयार रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। केवल आधिकारिक सूचना स्रोतों पर ही भरोसा करें तथा मोबाइल फोन को चार्ज रखें। उन्होंने मॉक ड्रिल का नियमित अभ्यास करने पर जोर दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरभित पाठक ने कहा कि स्काउटिंग युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करती है और कम संसाधनों में सुव्यवस्थित जीवन जीना सिखाती है। वरिष्ठ शिक्षक अनुराग पाठक ने स्काउट ध्वज फहराया और हाईक स्थल का पौराणिक इतिहास बच्चों को बताया।
खोज के चिन्हों की सहायता से हाईक ऐतिहासिक सिद्ध बाबा मंदिर तक पहुंची, जहां बच्चों को आग में फंसे लोगों को निकालने, डूबते व्यक्तियों को बचाने, टेंट व भोजन बनाने के साथ-साथ डाक्टरी गांठ, रीफ नॉट, शीट बैंड, फिशरमैन नॉट और चेयर नॉट का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा युद्ध अथवा आपदा की स्थिति में सुरक्षित रहने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा क्या करें और क्या न करें जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
इस अवसर पर विमल पाठक, रत्नेश शर्मा, अनुराग पाठक, राजवीर सिंह, सुरजीत कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं स्काउट गाइड मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat