Breaking News

विश्व हिंदी दिवस पर हरि बोल कालोनी में संगोष्ठी-सम्मान समारोह, हिंदी प्रेमियों ने किया भाषा के उज्जवल भविष्य का संकल्प

Spread the love

बदायूं।
भारतीय हिंदी सेवी पंचायत (प्रकल्प: जन दृष्टि व्यवस्था सुधार मिशन) के तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हरि बोल कालोनी बदायूं में संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं समाजशास्त्री राम बहादुर पाण्डेय ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एम एल गुप्ता और डॉ. सुशील कुमार सिंह की विशिष्ट उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथिगण द्वारा छंदाधिपति गणेश, मां सरस्वती और आदिकवि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित करने एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। गणेश वंदना और सरस्वती वंदना के साथ समारोह की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर प्रतिष्ठित साहित्यकारों चंद्रपाल सिंह सरल, प्रभाकर सक्सेना, राजवीर सिंह तरंग, शैलेन्द्र मिश्र देव, दीप्ति सक्सेना ‘दीप’, अहमद अहमदी को हिंदी सेवी सम्मान से सम्मानित किया गया। उन्हें सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र भेंट किए गए। उपस्थित जनों ने आजीवन हिंदी में हस्ताक्षर करने का संकल्प भी लिया।
मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा, राष्ट्रभाषा और राजभाषा है। आजादी की लड़ाई हिंदी के नेतृत्व में लड़ी गई और आज विश्व में हिंदी का डंका बज रहा है।
जन दृष्टि व्यवस्था सुधार मिशन के अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343(2) में अंग्रेजी में कार्य करने के लिए 15 वर्ष का अस्थायी प्रावधान था, जिसे अब तक नहीं हटाया गया। दुर्भाग्य है कि अभी भी भारतीय कानून हिंदी में नहीं बनाए जा रहे हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में राम बहादुर पाण्डेय ने कहा कि हिंदी के उन्नयन के लिए देश के सभी विश्वविद्यालयों में प्रमुख साहित्यकारों के नाम पर अनिवार्य रूप से हिंदी विभाग स्थापित किए जाएं। प्रत्येक जनपद में हिंदी भवन बनाए जाएं, हिंदी साहित्यकारों को प्रोत्साहन मिले और शासन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए नीति बनाए। साथ ही निशुल्क चिकित्सा, यात्रा एवं पेंशन की सुविधा भी उपलब्ध हो।
कार्यक्रम में साहित्यकारों द्वारा काव्यपाठ भी प्रस्तुत किया गया।
चंद्रपाल सरल:
भाषाई व्यापार करो मत, मंच सजा के रातों में।
हिंदी का आधार झलकता, हिंदुस्तानी रातों में।
राजवीर सिंह ‘तरंग’:
हिंदी भाषा प्रेम की, करती सबका मान।
इसकी खुशबू में घुला, सारा हिंदुस्तान।
शैलेन्द्र मिश्र देव:
हिंदी भाषा का इस जग में ये सम्मान बढ़ाता है,
जो लिखते हैं जो पढ़ते हैं वही समझा जाता है।
दीप्ति सक्सेना ‘दीप’:
सिसके हिंदी सहे उपेक्षा, जब-जब भारतवासी से।
शिक्षा तब लगती है पराजित, अंग्रेज़ी अधिशासी से।
अमित बाबू ने बंदे भारत ट्रेन यात्रा का वर्णन करते हुए कहा कि बरेली से बनारस तक यात्रा में हवाई जहाज और मेट्रो ट्रेन की खूबियों का संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से मार्गदर्शक एम एल गुप्ता, सुरेश पाल सिंह, प्यारे लाल, रामगोपाल, वीरेश कुमार सिंह, चन्द्रेश कुमार, नीति शर्मा, योगिता रानी, अशोक कुमार सिंह, नीटू सिंह गोतम, अमित बाबू, संध्या, चीनू तोमर, मनीष साहू, उदित प्रताप सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, शैलेंद्र मिश्रा, हर्ष कुमार, रघु पाल सिंह, श्री कृष्ण सागर, प्रवेश कुमार गौतम, फरहत हुसैन, सरोजनी देवी, विद्या यादव, नेत्रपाल, विकास कुमार, सुशील कुमार सिंह आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन राजवीर सिंह तरंग और प्रभाकर सक्सेना ने संयुक्त रूप से किया, जबकि संरक्षक एम एल गुप्ता ने आभार व्यक्त किया।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

बिल्सी में होली के अवसर पर प्राचीन शिव शक्ति भवन में बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार

Spread the love अबीर-गुलाल और सुगंधित फूलों से किया गया दिव्य सजावट का आयोजन बिल्सी। …

error: Content is protected !!