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संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूँ
बदायूँ। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर जनपद में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि यह पर्व भारत की आस्था, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष एवं मंदिर के पुनरुद्धार के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस पर्व का आयोजन किया जा रहा है। इसके स्मरणोत्सव के तहत कार्यक्रमों और यात्राओं की श्रृंखला आयोजित होगी।
जनपद, तहसील और विकासखंड स्तर पर स्थित शिवालयों एवं मंदिरों में भजन-कीर्तन, महाआरती, प्रवचन, दीपोत्सव, स्वच्छता अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों की संभावित तिथि 19 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है, जिसके लिए सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश स्तर पर मुख्य आयोजन 11 मई 2026 को काशी विश्वनाथ धाम में आयोजित होगा, जहां जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, शिक्षाविद और सामाजिक संगठन सहभागिता करेंगे। इस दौरान स्कूल-कॉलेजों में संगोष्ठी, भाषण, चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।
इसके साथ ही ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत चयनित श्रद्धालुओं को सोमनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। यह यात्रा 18 से 24 अप्रैल 2026 तक प्रस्तावित है, जिसमें प्रत्येक जनपद से अधिकतम 10 तीर्थयात्रियों का चयन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन भव्यता, गरिमा और अधिकतम जनसहभागिता के साथ किया जाए, साथ ही इनका व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए।
Budaun Amarprabhat