प्राण प्रतिष्ठा से पहले भागवत कथा का पांचवां दिन बना आस्था का संगम, भजन-कीर्तन और गुलाल से गूंजा माहौल
संवाददाता: रिंकू भारद्वाज
उघैती। क्षेत्र के गांव मेवली स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर में माता सीता की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वृंदावन से पधारे कथावाचक पंडित गोपाल शास्त्री ने अपने ओजपूर्ण प्रवचन से श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कथा के दौरान पंडित गोपाल शास्त्री ने राम-रावण युद्ध का मार्मिक प्रसंग सुनाया, जिसमें मेघनाद द्वारा लक्ष्मण को शक्ति वाण लगने और भगवान राम के विलाप का भावपूर्ण वर्णन किया गया। इस संगीतमय कथा को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरे पंडाल में भक्ति का माहौल छा गया।
उन्होंने कहा कि जो मनुष्य धर्म के मार्ग पर चलता है, उसकी बुद्धि और विवेक सदैव शुद्ध रहते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में धर्म का अनुसरण करना चाहिए।
कथा से पूर्व मंदिर परिसर में विधि-विधान से हवन-पूजन संपन्न कराया गया। इसके पश्चात पीत वस्त्र धारण किए श्रद्धालु महिलाओं द्वारा भव्य कलश यात्रा निकाली गई। भजन-कीर्तन और गुलाल की बौछार के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम में प्रमोद कुमार एडवोकेट, अमर सिंह, होतीलाल, राजेश सिंह, दीवान सिंह, अवधेश, भुवनेश, नरेश पाल और टीपू का विशेष सहयोग रहा।
Budaun Amarprabhat