▶ रोजगारपरक शिक्षा पर शोध पत्र ने बटोरी वाहवाही, नई शिक्षा नीति 2020 पर रखे दमदार विचार
संवाददाता: गोविंद देवल
उझानी। नगर के एक
कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं चीफ प्रॉक्टर डॉ. त्रिवेन्द्र कुमार सिंह को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। कानपुर स्थित सोशल रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में उनके प्रखर वक्तव्य के लिए उन्हें ‘शिक्षक गौरव पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया।
संगोष्ठी का विषय “रोजगारपरक शिक्षण व्यवस्था: आवश्यकता एवं चुनौतियां” रहा, जिसमें देश-विदेश के अनेक मनोवैज्ञानिक एवं विद्वानों ने भाग लिया। इस दौरान डॉ. सिंह ने “भारत में रोजगारपरक शिक्षण व्यवस्था की आवश्यकता” विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया और वर्तमान समय की नई शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर प्रभावशाली ढंग से विचार रखे।
डॉ. त्रिवेन्द्र कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में भारतीय शिक्षा प्रणाली की वर्तमान स्थिति और रोजगारपरक शिक्षा की जरूरत को सरल एवं सशक्त शब्दों में प्रस्तुत किया, जिसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर सराहा गया। इससे पूर्व भी वे कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में अपने शोध पत्रों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डाल चुके हैं।
महाविद्यालय में सत्र 2021-22 के दौरान नई शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ समिति के संयोजक, संस्थागत विकास योजना प्रकोष्ठ तथा मेंटरिंग एवं मनोवैज्ञानिक प्रकोष्ठ समिति के सदस्य के रूप में उनका योगदान सराहनीय रहा है। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें शिक्षक दिवस समारोह में विश्वविद्यालय स्तर पर भी सम्मानित किया जा चुका है।
Budaun Amarprabhat