संवाददाता: गोविंद देवल
लेन-देन के विवाद में सोते भतीजे को उतारा मौत के घाट
बदायूँ। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या-1 की न्यायाधीश कु० रिंकू ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण और सख्त फैसला सुनाते हुए भतीजे की हत्या के दोषी शाहिद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 5000 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला थाना बिसौली क्षेत्र के मोहल्ला मालियान (नई बस्ती) का है। 5 फरवरी 2019 की सुबह वादी मो० मियां को सूचना मिली कि उनके भतीजे फारूख पुत्र तौफीक की घर की बैठक में सोते समय अज्ञात व्यक्ति ने हत्या कर दी है। मृतक के सिर पर वसूला और निहान (लोहे के औजार) से वार कर बेरहमी से हत्या की गई थी।
जांच में खुला राज, चाचा ही निकला कातिल
विवेचना के दौरान पुलिस की गहन पड़ताल में मृतक के चाचा शाहिद का नाम सामने आया। गवाहों के बयान और साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि घटना वाली रात फारूख और शाहिद के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी ने पहले फारूख का मोबाइल खिड़की से चोरी किया और पकड़े जाने के डर से सोते समय उसकी हत्या कर दी।
अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों—खून से सना वसूला, निहान और पंचायतनामा—के आधार पर न्यायालय ने शाहिद को धारा 302 और 452 भा०प्र०सं० के तहत दोषी ठहराया।
सजा सुनते ही जेल भेजा गया आरोपी
फैसला सुनाते ही न्यायालय ने दोषी का सजायाबी वारंट तैयार कर उसे कड़ी सुरक्षा के बीच जिला कारागार भेज दिया। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि अभियुक्त द्वारा जेल में बिताई गई पूर्व अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
Budaun Amarprabhat