आचार्य संजीव रूप बोले—सच्चा धन विद्या, सेवा और परोपकार, भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल
संवाददाता: गोविंद देवल
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के यज्ञ तीर्थ गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा और भक्ति के माहौल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वैदिक विचारों के साथ जीवन के वास्तविक उद्देश्य पर गहन चर्चा हुई।
अंतर्राष्ट्रीय वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ संपन्न कराते हुए कहा कि यदि मनुष्य को जीवन जीने का सही मार्ग मिल जाए तो वह किसी भी भौतिक संपत्ति से अधिक मूल्यवान होता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग धन को ही जीवन का लक्ष्य मान लेते हैं, जबकि वास्तविक धन विद्या, तप, दान, यज्ञ, सेवा और परोपकार है, जो इस लोक और परलोक दोनों में साथ जाता है।
सत्संग के दौरान कु. उर्वशी आर्य और तान्या आर्य ने भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं श्रीमती पूजा आर्य ने वेद मंजरी का पाठ किया, जिसे श्रद्धालुओं ने ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम में श्रीमती कमलेश रानी, श्रीमती सूरजवती देवी, श्रीमती सरोज देवी, श्रीमती गुड्डू देवी, राकेश आर्य सहित आर्य संस्कार शाला के बच्चे भी मौजूद रहे।
सत्संग के माध्यम से लोगों को नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित किया गया।
Budaun Amarprabhat