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अहिल्या उद्धार से सीता-राम मिलन तक गूंजे भावपूर्ण प्रसंग, श्रीराम कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब उपशीर्षक:

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संत रवि समदर्शी महाराज के प्रवचनों ने बांधा समां, श्रोतागण हुए भावविभोर

संवाददाता: गोविंद देवल, बिल्सी

बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव रिसौली में ‘मेरे राम कथा आयोजन समिति’ द्वारा आयोजित श्रीराम कथा में कथावाचक सामाजिक संत रवि जी समदर्शी महाराज ने विभिन्न प्रसंगों का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथा के दौरान धर्म, भक्ति और मर्यादा के संदेशों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कथावाचक ने अहिल्या उद्धार, चंद्र और इंद्र को ऋषि गौतम द्वारा दिए गए श्राप तथा अहिल्या के पतिलोक गमन के प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण किया। उन्होंने बताया कि ऋषि गौतम जैसे महान ऋषि को पत्नी के तप के प्रभाव से भगवान के दर्शन प्राप्त हुए, जो तप और भक्ति की महिमा को दर्शाता है।
कथा में गंगा महिमा, गंगा के अवतरण और भगीरथ के कठोर तप का विस्तार से वर्णन किया गया। साथ ही भगवान राम और लक्ष्मण के विश्वामित्र के साथ जनकपुरी आगमन, राजा जनक से भेंट और पुष्पवाटिका में सीता-राम के प्रथम मिलन का सुंदर चित्रण कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सीता जी के पार्वती पूजन और आशीर्वाद प्राप्ति के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति की गहरी छाप छोड़ी। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
कथा के यजमान राधेश्याम पाल सपत्नीक रहे। इस अवसर पर पंडित सोनू शर्मा, विपिन कुमार सिंह, सतीश कश्यप, भानू चौहान, अवधेश माहेश्वरी, योगेश बजाज, अतुल सोलंकी, दुष्यंत सोलंकी, पंकज मिश्रा, गंगा सिंह, पी.एस. पाल, राजेंद्र प्रसाद, पुनेश भारद्वाज सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर प्रसाद ग्रहण किया।
कथा में बड़ी संख्या में रामभक्तों की उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और आस्था के रंग में रंगा नजर आया।


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