साइबर सुरक्षा से लेकर सरकारी योजनाओं तक दी गई जानकारी, नवजात शिशुओं को बांटी बेबी किट
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूँ
बदायूँ। ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसवान/बिसौली में ‘कन्या जन्मोत्सव’ कार्यक्रम का आयोजन कर बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों को जागरूक करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं और कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई।
थाना बिसौली की बाल कल्याण अधिकारी एवं पुलिस टीम ने साइबर सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए साइबर हेल्पलाइन 1930 के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया।
वहीं जिला मिशन समन्वयक (हब फॉर इम्पावरमेंट ऑफ वूमेन) छवि वैश्य ने महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं—मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पुनर्विवाह प्रोत्साहन, दहेज पीड़ित महिलाओं को सहायता और रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष जैसी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया।
कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों को हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 181, 102, 108 और 1098 की जानकारी देते हुए आपातकालीन सहायता के लिए इनके उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।
संरक्षण अधिकारी रवि कुमार ने बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति और बाल संरक्षण के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके पुनर्वास के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
काउंसलर डॉली ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी समस्या में बच्चे इस नंबर पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। वहीं बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई और इसके दुष्परिणामों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
सहायक विकास अधिकारी राजेश कुमार ने ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की भूमिका समझाते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए।
इस दौरान ब्लॉक प्रमुख कीर्ति सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशुओं को बेबी किट वितरित कर परिवारों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ भी मौजूद रहा।
इस मौके पर बाल विकास परियोजना अधिकारी पार्वती यादव, सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी, छवि वैश्य, प्रीति चौहान, वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर डॉली, जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम सचिव बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं और बालिकाओं ने योजनाओं व कानूनों की जानकारी में गहरी रुचि दिखाई, जिससे जागरूकता का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने की उम्मीद जताई जा रही है।
Budaun Amarprabhat