-
बदायूँ पुलिस की बड़ी कामयाबी: 2 दिन के भीतर आगरा से बरामद हुआ बच्चा
-
निसंतान दंपत्ति को 70 हजार में बेचने की थी डील, नर्स खुशबू ने रची थी साजिश
-
खुशखबरी: DIG बरेली ने पुलिस टीम को 50,000 रुपये इनाम देने की घोषणा की

अमर प्रभात ब्यूरो
बदायूँ। थाना इस्लामनगर क्षेत्र के एक मैरिज होम से अगवा किए गए एक वर्षीय मासूम सौरभ को बदायूँ पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड महिला नर्स समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बच्चे को आगरा के एक निसंतान दंपत्ति को 70 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया था। पुलिस की इस मुस्तैदी पर डीआईजी बरेली परिक्षेत्र ने टीम को 50 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
शादी की भीड़ का उठाया फायदा
घटना 16 अप्रैल की रात करीब 12:30 बजे की है। संभल जिले के रजपुरा निवासी भूखन प्रजापति का एक वर्षीय पुत्र सौरभ इस्लामनगर स्थित मोनार्क फार्म हाउस में चल रहे विवाह समारोह के दौरान एक कमरे में सो रहा था। जब घर की महिलाएं जयमाला देखने बाहर गईं, तभी मौका पाकर बुलंदशहर की रहने वाली खुशबू (जो कि पेशे से नर्स है) बच्चे को उठाकर रफूचक्कर हो गई।

CCTV और स्विफ्ट कार ने खोला राज
एसएसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर गठित चार टीमों ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो फार्म हाउस के बाहर एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार (DL1ZC2948) नजर आई। पुलिस ने कार के नंबर से उसके मालिक मुनेश निवासी बुलंदशहर तक दबिश दी। मुनेश की गिरफ्तारी के बाद पूरी कहानी परत-दर-परत खुलती चली गई।

आगरा में हुई थी 70 हजार की डील
पूछताछ में पता चला कि नर्स खुशबू ने अपने साथी मुनेश के साथ मिलकर बच्चे को किडनैप किया और उसे आगरा में अपने मौसा दिनेश के घर ले गई। वहां उन्होंने सोनू नामक व्यक्ति, जिसकी शादी के 12 साल बाद भी कोई संतान नहीं थी, उसे बच्चा 70 हजार रुपये में बेचने की डील की। सौदा पक्का होने पर 20 हजार रुपये एडवांस भी ले लिए गए थे। खुशबू ने नर्स होने के नाते बच्चे के फर्जी दस्तावेज बनवाने का भी भरोसा दिलाया था।
आगरा से सकुशल बरामदगी
पुलिस टीम ने मुनेश की निशानदेही पर आगरा के ताजगंज इलाके में छापेमारी की। वहां सोनू की पत्नी बबली और रिश्तेदार पूजा के पास से मासूम सौरभ को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने खुशबू, मुनेश, दिनेश, बबली और पूजा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम की हुई सराहना
एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया और क्षेत्राधिकारी बिल्सी के नेतृत्व में इस्लामनगर पुलिस और एसओजी की इस संयुक्त सफलता पर जिले भर में चर्चा है। एसएसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता बच्चे की सुरक्षा थी, जिसे टीम ने बखूबी निभाया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
-
खुशबू: मुख्य साजिशकर्ता (नर्स), निवासी बुलंदशहर।
-
मुनेश: कार चालक और सहयोगी, निवासी बुलंदशहर।
-
दिनेश: खरीदार ढूंढने वाला बिचौलिया, निवासी आगरा।
-
बबली: बच्चा खरीदने वाली महिला, निवासी आगरा।
-
पूजा: सहयोगी, निवासी आगरा।
Budaun Amarprabhat