8 साल में 500 करोड़ से ज्यादा की वृद्धि, लाभार्थी किसानों की संख्या भी डेढ़ लाख के करीब
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं। जनपद में गन्ना किसानों को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। बीते वर्षों में गन्ना मूल्य भुगतान में ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 से 2017 के बीच जहां 84,509 किसानों को करीब 673.72 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, वहीं अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 1,32,450 किसानों तक पहुंच गई। इस अवधि में कुल भुगतान बढ़कर लगभग 1173.34 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले के मुकाबले काफी अधिक है।
बताया जा रहा है कि यह बढ़ोतरी सरकार की किसान हितैषी नीतियों, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान प्रणाली का परिणाम है। अब डिजिटल व्यवस्था और डीबीटी के माध्यम से किसानों को सीधे भुगतान किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया तेज और आसान हुई है।
गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए भी कई प्रयास किए गए हैं। आधुनिक तकनीकों का उपयोग, उन्नत बीज, बेहतर सिंचाई सुविधाएं और समय-समय पर प्रशिक्षण के चलते उत्पादन क्षमता में इजाफा हुआ है, जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि देखने को मिली है।
प्रशासन ने मिलों के साथ समन्वय बनाकर भुगतान में देरी को कम करने और पर्ची वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया है। इससे किसानों को काफी राहत मिली है।
गन्ना भुगतान में आई यह बढ़ोतरी न सिर्फ किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
Budaun Amarprabhat