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अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर तुरंत न करें भरोसा

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तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज की ओर से साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंशनः ए फॉरेंसिक पर्सपेक्टिव पर अवेयरनेस कैंपेन में पैरामेडिकल साइंसेज के संग-संग लॉ कॉलेज और तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के स्टुडेंट्स ने की शिरकत

मुरादाबाद। साइबर एक्सपर्ट शिवम तायल ने कहा, आज के समय में साइबर अपराधी विभिन्न तकनीकों का उपयोग करके लोगों को आसानी से ठगी का शिकार बना लेते हैं। उन्होंने सोशल इंजीनियरिंग, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी, एटीएम एवम् डेटाबेस हैकिंग और तथाकथित डिजिटल अरेस्ट सरीखे मामलों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार अपराधी लोगों की भावनाओं और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। तायल ने स्टुडेंट्स को सावधान करते हुए कहा, किसी भी अनजान कॉल, संदेश या लिंक पर तुरंत विश्वास नहीं करना चाहिए। यदि कोई संदेश आकर्षक या भय उत्पन्न करने वाला हो, तो उसकी सत्यता की जांच करना अत्यंत आवश्यक है। साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता है। साथ ही मजबूत पासवर्ड का उपयोग, समय-समय पर पासवर्ड बदलना और दो-स्तरीय प्रमाणीकरण जैसे उपायों को अपनाने जरूरी है। तायल तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज की ओर से साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंशनः ए फॉरेंसिक पर्सपेक्टिव पर अवेयरनेस कैंपेन में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे।


इससे पूर्व साइबर एक्सपर्ट शिवम तायल, कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित, तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के प्राचार्य प्रो. नवनीत कुमार, डॉ. सुशील कुमार, रेडियोइमेजिंग टेक्नोलॉजी की एचओडी डॉ. रुचि कांत, फॉरेंसिक साइंस के एचओडी रवि कुमार आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कॉलेज ऑफ लॉ के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित ने साइबर अपराध के सामाजिक और न्यायिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा, साइबर अपराध के प्रति जागरूकता समाज के सुदृढ़ और सुरक्षित निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया, न्याय प्रणाली केवल अपराधियों को दंडित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में नैतिक मूल्यों और अनुशासन को स्थापित करने का कार्य भी करती है। साइबर एक्सपर्ट प्रशांत सिंह ने वित्तीय लेन-देन से जुड़े साइबर अपराधों को लेकर सजगता की विस्तार से चर्चा की। प्रो. नवनीत कुमार ने स्टुडेंट्स को सचेत करते हुए कहा, डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय छोटी-छोटी असावधानियां भी गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती हैं, इसलिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। एचओडी रवि कुमार ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। डिपार्टमेंट ऑफ फॉरेंसिक मेडिसिन एंड टॉक्सिकोलॉजी के प्रो. प्रमोद डोडे, अमित बिष्ट के संग-संग पैरामेडिकल साइंसेज के संग-संग लॉ कॉलेज और तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के स्टुडेंट्स मौजूद रहे।


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