कछला चौराहे पर युवाओं ने प्यासों को पिलाया ठंडा शरबत, ‘सेवा ही सच्ची बुद्ध पूजा’ का दिया संदेश
संवाददाता: गोविंद देवल
बिल्सी (बदायूं)। अहिंसा, करुणा और मैत्री के प्रतीक भगवान बुद्ध के जन्मोत्सव बुद्ध पूर्णिमा पर शुक्रवार को नगर में भक्ति और मानवता का अनूठा संगम देखने को मिला। जहां एक ओर मंदिरों में “बुद्धं शरणं गच्छामि” की गूंज सुनाई दी, वहीं दूसरी ओर सेवाभावी युवाओं ने तपती धूप में प्यासे राहगीरों को शरबत पिलाकर सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया।
नगर के प्रमुख कछला चौराहे पर गौतम बिल्डिंग मटेरियल के सामने लगाए गए विशाल शरबत वितरण शिविर में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। चिलचिलाती धूप और तेज गर्मी के बीच सेवादारों ने राहगीरों, रिक्शा चालकों और यात्रियों को रोक-रोककर गुलाब और केवड़े की खुशबू से महकता ठंडा शरबत पिलाया। शरबत की मिठास से मुसाफिरों के चेहरों पर सुकून और मुस्कान साफ झलकती नजर आई।
शिविर में मौजूद गणमान्य लोगों ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हमेशा दया, करुणा और सेवा का मार्ग दिखाया है। ऐसे में भीषण गर्मी में किसी प्यासे को पानी पिलाना ही उनकी सच्ची पूजा है और यही उनके सिद्धांतों का पालन भी है।
इस सेवा कार्य में विक्रम कुमार गौतम, दीपक गौतम, आर.के. आर्य (बॉबी आर्य), अरुण कुमार आनंद, शशिकांत निराला, डॉ. श्यामलाल सागर, हरस्वरूप, जगदीश चंद्र, विशाल गौतम, कृष्णा सागर, राजू जाटव, राजवीर सिंह, नाथूराम भारती, सल्लू जाटव, अरविंद जाटव, जितेंद्र शाक्य, डॉ. देवकरण, प्रेमनाथ, राजेंद्र, मनोहर लाल, लीलाधर, गौरव, सिपट्टर लाल, विकास सागर, सुनील दत्त, बिट्टू, रामबाबू और उमेश सागर सहित कई लोगों का विशेष सहयोग रहा।
बिल्सी के युवाओं की इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। इस सेवा ने न केवल लोगों को गर्मी से राहत दी, बल्कि बुद्ध पूर्णिमा के पर्व को भी सार्थक बना दिया।
Budaun Amarprabhat