संवाददाता: गोविंद देवल
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने लगाया अनदेखी का आरोप, बाहरी लोगों की नियुक्ति पर जताया विरोध
बिसौली। विद्युत विभाग में छंटनी के दौरान हटाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने न्याय न मिलने पर स्थानीय विधायक आशुतोष मौर्य से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सुनाई और मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों ने बताया कि वे विभिन्न 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों पर लाइन अनुरक्षण व उपकेंद्र परिचालक के पद पर कार्यरत थे, लेकिन मई 2025 में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा की गई छंटनी में उन्हें हटा दिया गया। उनका कहना है कि 23 मई 2025 को हुई बैठक में प्रबंध निदेशक द्वारा आश्वासन दिया गया था कि नए व नव ऊर्जित उपकेंद्रों पर प्राथमिकता से उन्हीं छंटनी किए गए कर्मचारियों को रखा जाएगा।
बाहरी कर्मचारियों की नियुक्ति पर उठाए सवाल
पीड़ितों का आरोप है कि सराय बरौलिया, बिसौली तहसील और खितौरा स्थित उपकेंद्रों पर बाहरी व अनुभवहीन कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि छंटनी में हटाए गए कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को अधिशासी अभियंता द्वारा 15 कर्मचारियों की सूची उच्च अधिकारियों को भेजी गई थी, लेकिन इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि नियुक्तियों में आर्थिक सांठगांठ की गई है।
भूख हड़ताल के बाद भी नहीं मिला समाधान
कर्मचारियों ने बताया कि 17 से 19 अप्रैल 2026 तक उन्होंने अधिशासी अभियंता कार्यालय बिसौली में भूख हड़ताल भी की थी, जिसे आश्वासन के बाद समाप्त कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन सौंपने वालों में सुभाष यादव, रतनलाल, प्रदीप प्रजापति, रणजीत सिंह, जगतपाल, रामसेवक, राम खिलाड़ी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
(नोट: इस मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।)
Budaun Amarprabhat