बदायूं। माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में शनिवार को जनपद बदायूं में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष विवेक संगल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश विवेक संगल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां पक्षकार आपसी समझौते के आधार पर सस्ता, सरल एवं त्वरित न्याय प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों एवं बैंक अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए बधाई दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नेहा गर्ग ने बताया कि लोक अदालत के माध्यम से आपराधिक शमनीय वाद, वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना, श्रम, राजस्व, बैंक, विद्युत बिल, ट्रैफिक चालान एवं अन्य मामलों का निस्तारण कराया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय द्वारा 84 पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 22 मामलों में करीब 1 करोड़ 71 लाख 47 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई। उपभोक्ता फोरम द्वारा एक मामले में 15 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा 1706 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा प्री-लिटिगेशन के तहत विभिन्न बैंकों के 671, बीएसएनएल के 16, राजस्व संबंधी 413, स्थानीय निकायों के 607 एवं अन्य प्रकार के 40,832 मामलों का निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में कुल 42,539 प्री-लिटिगेशन एवं 7,057 न्यायालयों में लंबित वादों सहित कुल 49,596 मामलों का निस्तारण किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat