हत्या के प्रयास में दोषी को उम्रकैद, 30 हजार का जुर्माना
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बदायूं पुलिस की प्रभावी पैरवी, एससी-एसटी एक्ट में कोर्ट ने सुनाई सख्त सजा
संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत बदायूं पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या के प्रयास के एक मामले में अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला थाना इस्लामनगर में वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमा संख्या 137/2020 और 149/2020 से जुड़ा है। इसमें यादवीर पुत्र रामफल निवासी ग्राम सैफुल्लागंज थाना इस्लामनगर पर हत्या के प्रयास, मारपीट, गाली-गलौज, एससी-एसटी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत मामले को चिन्हित कर समयबद्ध तरीके से प्रभावी पैरवी कराई गई। मॉनीटरिंग सेल और अभियोजन विभाग के समन्वय से अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
विभिन्न धाराओं में सुनाई गई सजा
विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट, बदायूं की अदालत ने आरोपी यादवीर को धारा 323 में छह माह, धारा 504 में एक वर्ष और धारा 307 में 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(2)V में आरोपी को आजीवन कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 में दो वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इनकी भूमिका रही अहम
मामले में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार आरक्षी अकुंश तोमर, विवेचक पूर्व क्षेत्राधिकारी बिल्सी संजय कुमार रेड्डी तथा लोक अभियोजक ए.के. राजपूत और जितेंद्र कुमार की भूमिका को सराहनीय बताया गया।
Budaun Amarprabhat