महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और योजनाओं पर दिया गया जोर
संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं। संयुक्त निगरानी समिति द्वारा जिला कारागार का निरीक्षण कर सुरक्षित बचपन अभियान के तहत चिन्हित बच्चों की स्थिति और सुविधाओं की समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने कारागार में रह रहे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान समिति ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा एसीएमओ (बाल रोग विशेषज्ञ) को निर्देश दिए कि बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। वर्तमान में चार बच्चे अपनी माताओं के साथ जिला कारागार में रह रहे हैं। इन बच्चों की आईसीपी का नियमित फॉलोअप और समय-समय पर काउंसलिंग कराने के निर्देश जिला बाल संरक्षण अधिकारी को दिए गए।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार ने जिला कारागार में निरुद्ध महिला बंदियों के परिवारों में रह रहे बच्चों को भी सरकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित जिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए जाएं, ताकि पात्र बच्चों को विभागीय योजनाओं का लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मोहन झा, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नंद किशोर पाठक, संरक्षण अधिकारी रवि कुमार, संरक्षण अधिकारी प्रीती कौशल, सामाजिक कार्यकर्ता भमरपाल सिंह, जिला कारागार अधीक्षक राजेंद्र कुमार तथा उप अधीक्षक कारागार अनन्या अत्री मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat