ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत बिल्सी पुलिस की प्रभावी पैरवी से कोर्ट ने सुनाया फैसला
संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं। उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत बदायूं पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाए गए अभियुक्त को न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
जानकारी के अनुसार थाना बिल्सी में दर्ज मुकदमा संख्या 302/2021 धारा 363/376 भादवि व 3/4 पॉक्सो एक्ट में अभियुक्त नरेश कुमार पुत्र हेमराज जाटव निवासी ग्राम खौसारा थाना बिल्सी जनपद बदायूं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। मामले की विवेचना निरीक्षक अनिल कुमार राणा द्वारा पूरी कर आरोप पत्र विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट बदायूं की अदालत में प्रस्तुत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं के पर्यवेक्षण में अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर मॉनीटरिंग सेल तथा थाना बिल्सी के पैरोकार कांस्टेबल विक्की और कांस्टेबल शिवांक ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट बदायूं की अदालत ने अभियुक्त नरेश कुमार को धारा 376(1) भादवि के तहत दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं धारा 363 भादवि के तहत अभियुक्त को पांच वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड जमा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। अभियुक्त की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
मामले में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार कांस्टेबल विक्की, कांस्टेबल शिवांक, विवेचक निरीक्षक अनिल कुमार राणा तथा लोक अभियोजक अमौल जौहरी के योगदान की पुलिस विभाग ने सराहना की है।
Budaun Amarprabhat