संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं। प्रदेश सरकार की शिक्षा एवं शिक्षक कल्याण से जुड़ी महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ बुधवार को बदायूं के हजारों शिक्षकों और लाखों विद्यार्थियों तक पहुंचा। वाराणसी में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में सजीव प्रसारण किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने देखा।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 12 लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से आच्छादित किया गया। साथ ही 1.10 करोड़ विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र-छात्रा 1200 रुपये की राशि वितरित की गई। इसके अलावा 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एमओयू किया गया तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सम्मानित किया गया।
बदायूं में कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए तथा स्कूली बच्चों को बैग सहित अन्य सामग्री भी प्रदान की गई। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की और अधिकारियों ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।
सदर विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार ऐतिहासिक कार्य कर रही है। सरकारी विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, स्मार्ट कक्षाएं, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्वेटर, बैग और मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाओं से लाखों बच्चों का भविष्य संवर रहा है। उन्होंने कहा कि मिशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों का स्वरूप बदल रहा है और बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनाना है। एमएलसी प्रतिनिधि शारदेंदू पाठक ने शिक्षित समाज को विकसित भारत की आधारशिला बताया।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने कहा कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सशक्त समाज की नींव है। उन्होंने सभी से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे।
जनपद में इस योजना के अंतर्गत बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 2200 शिक्षक एवं उनके परिवार मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से लाभान्वित होंगे। वहीं दो लाख 22 हजार 45 विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से प्रति छात्र-छात्रा 1200 रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित संविलियन विद्यालय आमगांव, जगत की प्रधानाध्यापिका संगीता शर्मा को मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने पर भी हर्ष व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन बेसिक शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat