बदायूं। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूं पुलिस की प्रभावी पैरवी से न्यायालय ने छेड़छाड़ व मारपीट के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने अभियुक्त धर्मेंद्र को दोषी करार देते हुए 3 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला थाना बिनावर क्षेत्र का है। वर्ष 2017 में पंजीकृत मु०अ०सं० 245/17 (धारा 452, 354, 323, 506 भादवि व 7/8 पॉक्सो एक्ट) में जाटव गौरिया (मजरा रहमा) निवासी अभियुक्त धर्मेंद्र पुत्र फूल सिंह के खिलाफ तत्कालीन उपनिरीक्षक पृथ्वीराज सिंह ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं के कुशल पर्यवेक्षण में इस मामले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित किया गया। मॉनीटरिंग सेल और पैरोकार हेड कांस्टेबल मिर्जा राहत जुबैर बेग ने अभियोजन विभाग के एडीजीसी अरविंद लाल के साथ समन्वय स्थापित कर अदालत में सशक्त पैरवी की।
बुधवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने पत्रावली के साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर धर्मेंद्र को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे धारा 8 पॉक्सो एक्ट में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹5000 जुर्माना, धारा 452 भादवि में 2 वर्ष कारावास व ₹3000 जुर्माना तथा धारा 506 भादवि में 2 वर्ष कारावास व ₹2000 जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की कुल धनराशि में से ₹7,000 पीड़िता को दिए जाएंगे।
Budaun Amarprabhat