बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी में स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में आर्य समाज के तत्वावधान में साप्ताहिक सत्संग आयोजित किया गया। आज का विशेष यज्ञ प्रश्रय आर्य जय वैदिक मन्त्रों से कराया। अथर्ववेद के प्रथम मंडल के 32 में सूक्त के मंत्रों से आहुतियां देते हुए प्रश्रय आर्य ने कहा प्रत्येक मनुष्य को धार्मिक होना चाहिए। विद्वान सब नहीं हो सकते किंतु धार्मिक सब हो सकते हैं। धार्मिक होने का मतलब हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई होना नहीं है, धार्मिक होने का मतलब है सदाचारी होना, चरित्रवान होना, ईमानदार होना, सत्यवादी होना, अहिंसक होना और परोपकारी होना। जिस देश में धार्मिक लोग अधिक होते हैं वह देश सदा उन्नति को प्राप्त होता है। ईशा आर्य तथा कौशिकी रानी ने सुंदर भजन सुनाए। इस मौके पर राकेश आर्य, मास्टर साहब सिंह, सुखबीर सिंह, संतोष कुमारी, मुन्नी देवी, गुड्डू देवी, सूरजवती देवी आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat