लखनऊ,14 अगस्त: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, स्वतंत्रता दिवस एवं हर-घर तिरंगा के अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा देश भर में कार्यक्रमों का आयोजन कर देश के स्वतंत्रता में योगदान देने वाले वीर योद्दाओं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया जा रहा है।
इसी क्रम में उतर प्रदेश में केंद्रीय संचार ब्यूरों लखनऊ द्वारा तीन दिवसीय चित्र प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन अंगद कुमार सिंह सदस्य विधान परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस राजकीय महिला स्नाकोत्तर महाविद्यालय अलीगंज लखनऊ में किया गया। यह चित्र प्रदर्शनी 16 अगस्त तक आम जन के लिए निःशुल्क खुली रहेगी। कार्यक्रम और चित्र प्रदर्शनी की विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अंगद कुमार सिंह, विधान परिषद सदस्य, उत्तर प्रदेश ने जन समूह को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और अपनी जान तक गंवानी पड़ी।
उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है। भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से आज़ादी मिली। स्वतंत्रता दिवस, जो हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है, राष्ट्र के लिए एक खुशी और गर्व का अवसर होता है। हालाँकि स्वतंत्रता की मिठास के साथ-साथ देश को विभाजन का आघात भी सहना पड़ा।
इस अवसर पर रवि भट्ट, प्रसिद्ध इतिहासकार ने कहा कि यह विभाजन मानव इतिहास में सबसे बड़े विस्थापनों में से एक है, जिससे लगभग लाखों लोग प्रभावित हुए। लाखों परिवारों को अपने पैतृक गांवों/कस्बों/शहरों को छोड़ना पड़ा और शरणार्थी के रूप में एक नया जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो के अपर महानिदेशक विजय कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का यह दिन हमें भेदभाव, वैमनस्य और दुर्भावना के जहर को खत्म करने के लिए न केवल प्रेरित करेगा, बल्कि इससे एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाएं भी मजबूत होंगी।
इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक रत्ना वापुली ने कहा की आज ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ 1947 के उस क्रूर घटना का स्मरण कराता है, जब संसार को ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ का संदेश देने वाले हमारे महान राष्ट्र को राजनीतिक स्वार्थ के लिए बांट दिया गया था।
इस अवसर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस राजकीय महिला पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर अनुराधा तिवारी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की शान और तिरंगे की शान को बढ़ाने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए । हमारे देश में सीमा पर देश की रक्षा करने वाले सेना के जवानों से सीखना चाहिए और देश को मजबूत बनाने में अपना सर्वस्व न्योछावर करना चाहिए।प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन जय सिंह, क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ने किया और विजयी प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर विभाग द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विभाग के पंजीकृत कलाकारों द्वारा जादू और कठपुतली के कार्यक्रम दिखाकर कार्यक्रम को मनोरंजक बनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निदेशक मनोज कुमार वर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी दुर्गेश त्रिपाठी, लक्ष्मण शर्मा के साथ कई गणमान्य और आमजन उपस्थित रहे।
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