लखनऊ। निषाद पार्टी के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री उ०प्र० सरकार डॉ संजय निषाद ने अध्यक्षता में राजधानी लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षागृह में विमुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि वो गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि, उनके पुरखों ने देश को आजाद कराने के लिए आजादी की लड़ाई की प्रथम अलख उठाई और देश को आजाद कराने के शहीद होना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि निषाद समेत 193 जातियां आजादी के 05 साल 16 दिन बाद 31 अगस्त 1952 में आजाद हुई थी, जिनको डिनोटिफाइड ट्राइब्स एक्ट के तहत आजाद करवाया गया था। किन्तु आजादी के बाद भी इन जातियों ने पूर्व की सरकारों का दंश झेला है, भूतपूर्व गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल द्वारा अन्था साइम्न अंगयार कमेटी बनाकर भी पता किया गया, जिसमे स्पष्ट बताया गया था कि विमुक्ति जनजातियों की दशा देश मे SC/ST से भी खराब है और 74 प्रकार की भिन्न भिन्न सुविधाएं देकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी का गठन पिछड़े, वंचितो और शोषितों के हक-हकूक को दिलवाने के लिए हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कमेटी ने सर्वसम्मति से आरक्षण पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि मझवार आरक्षण निषाद समेत 17 उपजातियों का सवैंधानिक अधिकार है, और आरक्षण के मुद्दे पर निषाद पार्टी कटिबद्ध है।
निषाद ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में NDA आगे बढ़ रहा है, और उन्हें खुशी है कि जिस मिशन को निषाद पार्टी लेकर बानी थी उसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी अंत्योदय और सबका साथ सबका विकास की नीति को लेकर सभी विकास की मुख्यधारा से पिछडी जातियों को आगे लाने का काम कर रहे हैं। निषाद ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन के तहत 15 सीटे निषाद पार्टी को दी, और NDA ने उत्तरप्रदेश में अच्छा प्रदर्शन कर पुनः मुख्यमंत्री नेतृत्व में सरकार बनाई। प्रदेश में हुए लोकसभा उपचुनाव के बाद 10 सीटो पर उपचुनाव होने हैं NDA सभी 10 सीटों को जीतेगा और निषाद पार्टी अपनी दोनो सीटों (मझवां और कटेहरी) पर चुनाव लड़ेगी।
Check Also
निजी अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत, परिजनों ने की शिकायत
Spread the loveबिल्सी। नगर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान प्रसूता और उसके …
Budaun Amarprabhat