
जनपद के साहित्यिक, सामाजिक व राजनीतिक व्यक्तित्वों ने दी भावांजलि
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूँ। केवल खुराना स्मृति मंच द्वारा गुरुद्वारा हाल, जोगीपुरा में प्रथम भावपूर्ण वार्षिक आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में जनपद के साहित्यिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनीराम मिश्र ने की। दीप प्रज्वलन के उपरांत कुमार आशीष ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने कहा कि स्मृतियां विशिष्ट व्यक्तित्वों की ही संजोई जाती हैं और केवल खुराना एक सजग व त्वरित निर्णय लेने वाले प्रभावशाली अधिकारी थे, जिनका बदायूँवासियों से विशेष लगाव था। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह बब्बू ने कहा कि उनका खुराना परिवार से पुराना आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने बताया कि शिशु मंदिर के होनहार छात्र रहे केवल खुराना ने उच्च आयामों तक पहुंचकर जनपद का नाम रोशन किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे जड़ों से जुड़े और सामाजिक संवेदनाओं से परिपूर्ण पुलिस अधिकारी थे। वरिष्ठ अधिवक्ता अनवर आलम ने उन्हें “एक संस्था” बताते हुए कहा कि वे केवल एक परिवार के नहीं, पूरे बदायूँ के लाल थे।
डा. शैलेन्द्र कबीर ने दोहा समर्पित करते हुए कहा—
अल्प समय में छोड़कर, अपनी अद्भुत छाप।
श्री राघव के धाम में, चले गए हैं आप।।
आचार्य संजीव रूप ने कहा—
जो केवल खुद को जीते हैं, वे ज्यादा दिन कब जीते हैं,
जो औरों के हित जीते हैं, वे मरकर के भी जीते हैं।
शरद शंखधार ने युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। बाल्यकाल की सहपाठी सोनरूपा विशाल ने संस्मरण साझा कर सभी को भावुक कर दिया।
कार्यक्रम अध्यक्ष मनीराम मिश्र ने सुझाव दिया कि केवल खुराना के व्यक्तित्व और कृतित्व पर एक प्रेरक पुस्तक प्रकाशित की जानी चाहिए।
इस अवसर पर डा. राम बहादुर व्यथित, डा. रामप्रकाश पथिक, नरेंद्र गरल, महेश मित्र, डा. गीतम सिंह, अरविंद धवल, भूराज लायर, दीपांकर गुप्त, भारत शर्मा राज, आबशार आदम, कमला महेश्वरी, डा. मनवीर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कामेश पाठक व सुनील समर्थ ने संयुक्त रूप से किया तथा अंत में विवेक खुराना ने सभी का आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat