संवाददाता: गोविन्द देवल
प्रयागराज। नाबालिगों के कथित यौन शोषण मामले में दर्ज पाक्सो केस में नामजद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रोक लगाते हुए उनकी अग्रिम जमानत अर्जी पर आदेश सुरक्षित रख लिया है।
शुक्रवार शाम करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई में न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ ने अपना आदेश सुनाया। यह फैसला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर विशेष न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) के आदेश के क्रम में बीते रविवार झूंसी थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद पूछताछ की, और पीड़ितों के बयान तथा मेडिकल परीक्षण भी पूरे हो चुके हैं।
माघ मेला और महाकुंभ में नाबालिगों के साथ कथित कुकर्म के आरोपों के चलते यह मामला चर्चा में रहा। सुनवाई से पहले ही कोर्ट नंबर 72 खचाखच भरा हुआ था। बचाव पक्ष ने एक पीड़ित को नाबालिग बताया, जबकि पीड़ितों की तरफ से अग्रिम जमानत अर्जी का विरोध किया गया।
यह आदेश फिलहाल अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के अगले चरण तक सुरक्षित रखा गया है।
Budaun Amarprabhat