: SOP पालन, POCSO मामलों में 24 घंटे में सूचना देने के निर्देश; पेंशन, चिकित्सा व लंबित मामलों पर भी हुई समीक्षा
संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूँ
बदायूँ। जनपद में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर पुलिस लाइन स्थित सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) डॉ. हृदेश कठेरिया की अध्यक्षता में थाना एएचटीयू, एसजेपीयू एवं समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के साथ मासिक गोष्ठी संपन्न हुई।
बैठक में महिला व बाल सुरक्षा संगठन उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा जारी SOP के अनुपालन, अनुसंधान की गुणवत्ता, बाल कल्याण अधिकारियों के समक्ष आ रही समस्याओं व सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही बाल गुमशुदगी, बाल श्रम, बाल विवाह और बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम को लेकर सख्त निर्देश दिए गए।
विशेष रूप से POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामलों में 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति (CWC) को सूचना देने, फार्म A, B व FIR रिपोर्ट समय से प्रेषित करने तथा जे.जे. एक्ट के अंतर्गत सामाजिक पृष्ठभूमि रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पोक्सो मामलों में उच्च न्यायालय से प्राप्त बेल नोटिस की सूचना पीड़िता व संबंधित पक्ष को समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में जनपद में गुमशुदा बच्चों के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए तेजी से निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर समाज में सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ाने पर बल दिया गया।
इस दौरान बाल कल्याण समिति, जिला प्रोबेशन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, विभिन्न एनजीओ व अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्राधिकारी कार्यालय से सुनील अहलावत, प्रभारी निरीक्षक एएचटीयू/एसजेपीयू अजय कुमार शर्मा समेत सभी थानों के बाल कल्याण अधिकारी भी उपस्थित रहे।
पेंशनर्स की समस्याओं पर भी हुई सुनवाई
गोष्ठी के बाद अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया ने पुलिस लाइन सभागार में पुलिस पेंशनर्स के साथ बैठक की। इसमें सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की पेंशन, चिकित्सा सुविधाएं, सेवा अभिलेख और लंबित प्रकरणों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। अधिकारियों ने त्वरित निस्तारण का आश्वासन देते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस प्रशासन की इस पहल से एक ओर जहां महिला और बाल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, वहीं पेंशनर्स को भी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
Budaun Amarprabhat