संवाददाता : गोविंद देवल, बदायूं
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन के धरना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय घेराव की चेतावनी के बीच हरिजन एक्ट से जुड़े विवादित मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Ankita Sharma ने मामले की जांच सीओ सिटी से हटाकर दातागंज क्षेत्राधिकारी को सौंप दी।
जांच बदले जाने की सूचना मिलते ही धरने पर बैठे भाकियू कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई और कार्यकर्ता झूम उठे। इसके बाद एसएसपी कार्यालय घेराव कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।
भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि उन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर पूरा भरोसा है। उनके संज्ञान में मामला आने के बाद अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि अब झूठी रिपोर्टों पर कार्रवाई नहीं होगी और दूध का दूध, पानी का पानी होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि संगठन की मुख्य मांग ही जांच बदलवाना था और जब पुलिस प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई कर दी तो घेराव का कोई औचित्य नहीं रह गया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय बुलाया गया, जहां राजेश कुमार सक्सेना के साथ आधा दर्जन पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाकियू नेताओं ने बताया कि गुरुवार को किसान नेता एवं संगठन के संस्थापक स्वर्गीय Mahendra Singh Tikait की पुण्यतिथि पर्यावरण दिवस के रूप में मनाई जाएगी। मालवीय आवास पर सुबह 11 बजे से श्रद्धांजलि सभा एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंडल प्रवक्ता ने बताया कि उनके चित्रांश नगर स्थित कैंप कार्यालय के बाहर भी पदाधिकारियों के साथ वृक्षारोपण किया जाएगा।
उन्होंने सदर तहसील के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।
धरने में महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष नसरीन बेगम, पप्पू सागर, प्रेमराज सागर, सगन, नदीम, अरविंद, पुत्तूलाल, राजू यादव, संजीव यादव, रामदास, मोहम्मद हसन, हिसार अली सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे। धरनास्थल पर लंगर भी लगातार जारी है और कल आने वाले लोगों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है।
Budaun Amarprabhat