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टीएमयू में डिस्टेंस एजुकेशन को यूजीसी की हरी झंडी

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यूजी और पीजी के सोलह पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश, डिस्टेंस एजुकेशन में 15 नवंबर प्रवेश की अंतिम तिथि, रेग्युलर प्रोग्राम से डिस्टेंस एजुकेशन में अधिक सुविधाएं, एनईपी-2020 के तहत डुअल डिग्री के स्वर्णिम द्वार खुले

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद की उपलब्धियों में एक और आयाम जुड़ गया है। अब डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से भी स्टुडेंट्स टीएमयू में अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। यूजीसी डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो- डीईबी ने विवि को 16 यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों को डिस्टेंस एजुकेशन के जरिए संचालन की अनुमति दे दी है। 16 पाठ्यक्रमों को संचालित करने की अनुमति मिलना टीएमयू की उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता का ही परिचायक है। सामान्यतः इतनी बड़ी संख्या में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति नहीं मिलती है। यूजीसी-डीईबी ने टीएमयू की आंतरिक शैक्षणिक व्यवस्था की उच्च गुणवत्ता को इसका आधार बनाया है। टीएमयू में सभी पाठ्यक्रमों का संचालन विवि में स्थापित सेंटर ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन एंड ऑनलाइन सेंटर के माध्यम से किया जाएगा। छात्र हित में इस बड़ी उपलब्धि पर विवि के कुलाधिपति, श्री सुरेश जैन, जीवीसी, श्री मनीष जैन, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, श्री अक्षत जैन के साथ ही विवि के कुलपति, प्रो. वी. के. जैन ने डिस्टेंस एजुकेशन के शंखनाद को यूनिवर्सिटी की अब तक की महान उपलब्धियों में से एक करार दिया है।
टीएमयू में डिस्टेंस एजुकेशन के प्रथम क्रम में यूजी स्तर पर बीबीए, बीकॉम, बी-लिब के अलावा जैन स्टडीज, अंग्रेजी, हिन्दी, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी पाठ्यक्रमों में बीए- ऑनर्स एवम् पीजी स्तर पर एमकॉम, एम-लिब, एम एस डब्ल्यू के संग-संग जैन स्टडीज, इकोनॉमिक्स, हिन्दी, पॉलिटिकल साइंस, सोशियोलॉजी पाठ्यक्रमों में एमए प्रवेश की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी- एनईपी-2020 में डुअल डिग्री का प्रावधान है। यानि मौजूदा समय में विद्यार्थी एक रेग्युलर कोर्स के साथ ही दूसरा कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से कर सकता है। एनईपी में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई विद्यार्थी अपनी स्ट्रीम के साथ ही अन्य किसी स्ट्रीम में शिक्षा प्राप्त करना चाहता है, तो उसके लिए एक समय में दो डिग्री का मार्ग खुला है। डिस्टेंस एजुकेशन में यूजी स्तर पर किसी भी पाठ्यक्रम में तीन वर्ष में डिग्री प्रदान की जाएगी। पीजी स्तर पर पाठ्यक्रम की अवधि दो वर्ष की होगी।
डिस्टेंस एजुकेशन में रेग्युलर प्रोग्राम की तुलना में अधिक सुविधाएं हैं। इसमें प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को नियमित विवि आने की अनिवार्यता नहीं होती है, केवल निर्धारित समय पर सेमेस्टर के अनुसार परीक्षा देना अनिवार्य होता है। ये परीक्षाएं टीएमयू में स्थापित सेंटर ऑफ डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन में ही होंगी। विद्यार्थियों को परीक्षा आदि के विषय में समय-समय पर सभी आवश्यक जानकारी इसी सेंटर के माध्यम से प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा विद्यार्थी किसी भी तरह की समस्या आदि के निस्तारण एवं जानकारी करने के उद्देश्य से कार्यदिवस के दौरान विवि में स्थापित सेंटर ऑफ डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन पर संपर्क कर सकते हैं।
टीएमयू के सेंटर ऑफ डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन के निदेशक प्रो विपिन जैन ने बताया कि डिस्टेंस एजुकेशन से संबंधित सभी यूजी और पीजी स्तर के पाठ्यक्रमों में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2024 निर्धारित है। प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित तिथि से पूर्व विवि के एडमिशन सेल से संपर्क कर सकते हैं। ऑनलाइन डिस्टेंस एजुकेशन से संबंधित अधिक जानकारी हेतु टीएमयू की वेबसाइट www.cdoe.tmu.ac.in पर भी संपर्क कर सकते हैं। मौजूदा प्रतियोगी युग में कम समय में करियर को लेकर युवा जागरूक हैं। ऐसे समय में डिस्टेंस एजुकेशन को लेकर ख़ासकर कोविड-19 के बाद तेजी से रूझान बढ़ा है। सरकार का ध्येय है कि 12 वीं के बाद शिक्षा से वंचित अधिकांश विद्यार्थी उच्च शिक्षा हासिल कर सके। उल्लेखनीय है, स्नातक का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो- जीईआर सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 27 फीसदी है। केन्द्र सरकार इस आंकड़े को लेकर बेहद संजीदा है। इसी के चलते सरकार ने 2035 तक स्नातक का जीईआर बढ़ाकर 50 फीसदी तक करने का लक्ष्य तय किया है।


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