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टीएमयू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 नई सीटों की मंजूरी

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तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में एम्स न्यू दिल्ली, आईएमएस बीएचयू, केजीएमसी लखनऊ, पीजीआई चंडीगढ़ सरीखे टॉप मेडिकल संस्थानों के डिग्रीधारक सीनियर फैकल्टीज भी तीर्थंकर मेडिकल कॉलेज में दे रहे सेवाएं

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर ने एमबीबीएस में प्रवेश के लिए ऊंची छलांग लगाई है। यूजी की 150 सीटों के संग संचालित इस मेडिकल कॉलेज को 100 और नई सीटों की मंजूरी मिल गई है। टीएमयू अब उत्तर-प्रदेश में सर्वाधिक यूजी+पीजी मेडिकल सीटों वाला कॉलेज बन गया है। नेशनल मेडिकल काउंसलिंग- एनएमसी के द मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड- एमएआरबी ने तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर को एनएमसी के सभी मापदंडों और सभी मानकों पर खरा पाया। इसी के आधार पर एमबीबीएस की 100 और सीटें प्रदान की हैं। उल्लेखनीय है कि तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर ने 100 सीटों के साथ वर्ष 2008 में अपनी यात्रा शुरु की थी। 2014 में 50 सीटें और मिल गई थीं। अब 100 और सीटों की मंजूरी के बाद टीएमयू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 250 सीटें हो गई हैं। नई बढ़ी सीटों पर इसी सत्र -2024-25 में यूपी नीट यूजी काउंसलिंग-2024 के दिशा-निर्देश पर प्रवेश होंगे। बताते चलें कि टीएमयू में मेडिकल पीजी के 20 डिपार्टमेंट में 142 सीटें हैं। यूनिवर्सिटी 1000 प्लस बेड का अति आधुनिक सुविधाओं से लैस हॉस्पिटल भी संचालित करती है। यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुरेश जैन ने एमबीबीएस की 100 नई अतिरिक्त सीटों में वृद्धि का श्रेय यूनिवर्सिटी प्रबंधन के साथ ही मेडिकल फैकल्टीज और मेडिकल के विद्यार्थियों को दिया है।
कुलाधिपति सुरेश जैन बताते हैं कि हमारे मेडिकल कॉलेज में पीजी की 142 सीटें हैं, जिनमें सर्वाधिक 25 सीटें मेडिसिन की है जबकि सर्जरी में न्यूनतम 16 सीटें हैं। तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, माइक्रो बायोलॉजी, फर्माक्लोजी, कम्युनिटी मेडिसिन, फॉरेंसिक मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडिएट्रिक्स, साइकाइट्री, ऑप्थाल्मोलॉजी, ओटोराइनोलॉजी -ईएनटी रेस्पिरेटरी मेडिसिन, रेडियोडॉग्नोसिस, एनिस्थियोलॉजी, डर्माटोलॉजी, ऑब्सटेट्रिक्स एंड गाइनोकोलॉजी सरीखे 20 डिपार्टमेंट संचालित हैं। इसके अलावा मेडिकल के विद्यार्थियों के लिए तीर्थंकर महावीर मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर में सुपरस्पेशियलिटी के नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कॉर्डियोलॉजी, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, कार्डियो थोरेसिक सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, गेस्ट्रोसर्जरी (जीआई) विभाग की भी सुविधा है, जो मेडिकल के यूजी-पीजी विद्यार्थियों के लिए बहुत ही लाभदायक है और सुपरस्पेशियलिटी में विद्यार्थियों की रूचि और अनुभव बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।
जीवीसी मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन कहते हैं कि तीर्थंकर महावीर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर हमेशा अपने मरीजों के इलाज के प्रति गंभीर रहता है। यही वजह है, कोविड-19 में इसे मंडल के एल-3 कोविड हॉस्पिटल का दर्जा दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड काल में टीएमयू हॉस्पिटल की सेवाओं की सराहना की। डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सेज की सेवा के साथ ही संकल्प और समर्पण के बूते यूपी का ए श्रेणी का हॉस्पिटल घोषित किया गया, जो NABH से मान्यता प्राप्त है। 130 एकड़ में प्रकृति से आच्छादित नैक ए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय का कैंपस क्लीन टीएमयू-ग्रीन टीएमयू के संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध है।


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