बदायूं। संस्कृत महाविद्यालय बेड़ा मऊ वैदिक विद्यापीठ में सप्त दिवसीय संस्कृत सप्ताह के पांचवें दिन बुधवार को महाकवि कालिदास, महर्षि पाणिनि, महर्षि वेदव्यास और महर्षि वाल्मीकि जैसी महान विभूतियों के जीवन एवं रचनाओं पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्कृत विद्वानों ने छात्र-छात्राओं को इन महापुरुषों के साहित्य और योगदान की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में महाकवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुंतल’, ‘मेघदूत’ और ‘रघुवंश’ जैसी रचनाओं, महर्षि पाणिनि की ‘अष्टाध्यायी’, महर्षि वेदव्यास के ‘महाभारत’ और पुराणों तथा महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित ‘रामायण’ के बारे में बताया गया। छात्र-छात्राओं ने हिंदी की छोटी कहानियों का संस्कृत में अनुवाद करने की प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग किया।
सेवानिवृत्त प्रवक्ता महेंद्र पाल सिंह यादव ने पुराणों के इतिहास पर विचार रखे। प्राचार्य वेद मित्र आर्य ने विद्यार्थियों को संस्कृत के प्राचीन ग्रंथों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य सर्वेश कुमार गुप्त ने किया। शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
Budaun Amarprabhat