बदायूं | राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस का शुभारंभ महाविद्यालय परिसर में माँ सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या प्रोफेसर सरला चक्रवर्ती ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय सचिव श्री गौरव रस्तोगी, अध्यक्ष श्री विशाल रस्तोगी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्राचार्या प्रोफेसर सरला चक्रवर्ती ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करती है। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को समाज में फैली कुरीतियों और बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक समाज ही विकसित राष्ट्र की नींव होता है तथा कुष्ठ रोग जैसी बीमारियों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना आज की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं और उन्होंने स्वयंसेविकाओं का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जिला अस्पताल से आमंत्रित मुख्य अतिथि डॉ. सुधीर कुमार ने कुष्ठ रोग (लेप्रोसी) के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने रोग के लक्षण, कारण, उपचार एवं बचाव के उपायों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समय पर पहचान और उपचार से यह रोग पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
कार्यक्रम के उपरांत एनएसएस स्वयंसेविकाओं ने कुष्ठ रोग जागरूकता की शपथ ली तथा जागरूकता रैली भी निकाली, जिसके माध्यम से आमजन को इस बीमारी के प्रति सचेत किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रीति वर्मा एवं मिस अवनिशा वर्मा द्वारा किया गया।
— संवाददाता: गोविंद देवल
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