संवाददाता: गोविंद देवल
असरासी। कंपोजिट विद्यालय असरासी में त्रिदिवसीय स्काउट–गाइड प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा-भाव के संदेश के साथ हुआ। शिविर में बच्चों को पढ़ाई के साथ सामाजिक दायित्व, आत्मनिर्भरता और आपदा प्रबंधन जैसे आवश्यक जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले ही दिन बच्चों में प्रशिक्षण को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
शिविर का शुभारंभ प्रधानाध्यापक एवं राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त डॉ. जुगल किशोर ने स्काउट ध्वज फहराकर किया। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग संस्कारों की प्रयोगशाला है, जहां से निकलकर विद्यार्थी जिम्मेदार और अनुशासित नागरिक बनते हैं।
शिक्षक संघ ब्लॉक अध्यक्ष बृजेश यादव ने कहा कि स्काउट हमेशा विपरीत परिस्थितियों में मानवता की सेवा और राष्ट्रहित के लिए तैयार रहते हैं। वहीं पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आज का युग केवल शैक्षणिक सफलता का नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का भी है। युवाओं का श्रेष्ठ चिंतन, मजबूत चरित्र और पवित्र आचरण ही संकट की घड़ी में राष्ट्र को समृद्ध और मजबूत बनाता है।
शिविर में स्काउटिंग आंदोलन का इतिहास, प्रार्थना, झंडा गीत, प्रतिज्ञा, सैल्यूट, बायां हाथ मिलाने की परंपरा, प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप, आगजनी और दुर्घटनाओं में बचाव के तरीके, सीमित संसाधनों में सुव्यवस्थित जीवन जीने की कला, एकता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
इस मौके पर शिक्षक हरीश यादव, अशोक कुमार शाक्य, मनोज कुमार बघेल, कृष्ण पाल शाक्य, जमीर अहमद, वसुंधरा देवी शर्मा, रूबी शर्मा, तराना शुजात, शैलेन्द्र सिंह, रत्नेश कुमार, परमवीर सिंह दीवला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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