बदायूं। पवित्र रमजान माह में इबादत और परहेजगारी के बीच शहर के चौधरी सराय नई बस्ती स्थित मस्जिद शहीद-ए-बगदाद के पास रहने वाले वरिष्ठ समाजसेवी, पत्रकार और शायर मुहम्मद शमसुद्दीन ‘शम्स’ की बेटी अक्सा फात्मा ने अपना पहला रोजा मुकम्मल कर परिवार और मोहल्ले के बुजुर्गों से दुआएं प्राप्त कीं।
पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय शेखूपुर में अध्ययनरत अक्सा फात्मा ने सुबह सहरी से लेकर शाम के इफ्तार तक पूरे सब्र और अकीदत के साथ रोजा रखा। पहला रोजा पूरा होने पर परिवार में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला।
शाम को इफ्तार के समय घर पर विशेष इंतजाम किए गए, जहां परिवार के बड़े-बुजुर्गों ने बच्ची को गले लगाकर दुआएं दीं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अक्सा की दादी कनीज फात्मा ने पोती के इस जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि यह उसके अच्छे संस्कारों और धार्मिक परवरिश का परिणाम है।
परिवार के अन्य सदस्यों में माता नईमा, चाचा बदरुद्दीन, जलालुद्दीन, चाची नुजहत, फरजाना तथा नानी और मामी ने भी रोजेदार अक्सा का उत्साह बढ़ाते हुए उसे तोहफे दिए।
पिता शमसुद्दीन शम्स ने बताया कि पूरे परिवार को इस पल का बेसब्री से इंतजार था। बेटी अक्सा का पहला रोजा पूरा होना अल्लाह की खास रहमत है। इफ्तार के दौरान मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार भी मौजूद रहे और अक्सा को मुबारकबाद दी।
रमजान के पाक महीने में अक्सा फात्मा का यह जज्बा परिवार के साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणादायक बन गया है।
Budaun Amarprabhat