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बदायूँ। उत्तर प्रदेश पुलिस के #OperationConviction अभियान के तहत बदायूँ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में प्रभावी पैरवी करते हुए हत्या के मामले में 4 अभियुक्तों को माननीय न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
थाना अलापुर में वर्ष 2016 में दर्ज मुकदमा संख्या 189/2016 (धारा 302/34, 452, 504 भादवि) में अभियुक्त सुनील, संजीव, शेरसिंह और नेत्रपाल निवासी ग्राम अलापुर के विरुद्ध तत्कालीन उपनिरीक्षक अजीत प्रताप सिंह द्वारा विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया था।
इस मामले को ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित कर अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित किया गया। मॉनीटरिंग सेल बदायूँ एवं पैरोकार कांस्टेबल विनय कुमार शर्मा द्वारा माननीय पॉक्सो-02 कोर्ट, बदायूँ में सशक्त पैरवी की गई।
28 मार्च 2026 को न्यायालय ने चारों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 302/34 भादवि में आजीवन कारावास एवं 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर 4-4 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त धारा 452 भादवि में 7-7 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 504 भादवि में 2-2 वर्ष का कठोर कारावास भी दिया गया है। धारा 452 में अर्थदंड न देने पर 1-1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास निर्धारित किया गया है।
इस मुकदमे में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार कांस्टेबल विनय कुमार शर्मा, लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह वर्मा (एडीजीसी) तथा विवेचक उपनिरीक्षक अजय प्रताप सिंह की भूमिका सराहनीय रही।
Budaun Amarprabhat