आलोचनात्मक सोच और अनुभवात्मक अधिगम पर जोर, देशभर से आए विशेषज्ञों ने बांटा अनुभव
संवाददाता: गोविंद देवल
बिसौली। डी पॉल स्कूल में शिक्षकों के लिए आयोजित एक दिवसीय सेमिनार ज्ञान और नवाचार का संगम बन गया। सेमिनार में आधुनिक शिक्षा के अहम विषयों जैसे आलोचनात्मक सोच और अनुभवात्मक अधिगम को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे शिक्षक काफी उत्साहित नजर आए।
स्कूल के प्रबंधक फादर डॉ. मार्टिन वीसी के नेतृत्व में आयोजित इस सेमिनार की शुरुआत शिक्षकों के पुष्प स्वागत के साथ हुई। अपने संबोधन में फादर ने कक्षा प्रबंधन, बाल विकास और करियर परामर्श जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी गहरी विशेषज्ञता साझा की। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति ने पूरे सत्र को रोचक और ज्ञानवर्धक बना दिया।
सेमिनार की खासियत सुनियोजित गतिविधियां रहीं, जिन्होंने शिक्षकों को न केवल ऊर्जावान बनाया बल्कि सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक और आकर्षक भी बनाया। सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक गतिविधियों के संतुलित मिश्रण ने सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।
देश के विभिन्न राज्यों से आए विशेषज्ञों ने भी अपने-अपने विषयों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। इनमें अंग्रेजी विशेषज्ञ गुंजन गोस्वामी (गुवाहाटी), गणित विशेषज्ञ टेंसी चैको (केरल), कंप्यूटर विशेषज्ञ लिबिन राजुक (केरल), खेल विशेषज्ञ अरबिंद मंडल (मुर्शिदाबाद), विज्ञान विशेषज्ञ राहुल सिंह (पीलीभीत) तथा गणित एवं भूगोल विशेषज्ञ अखिलेश मिश्रा और प्रियेश सक्सेना (बदायूं) शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में अभिनय के माध्यम से हार्दिक धन्यवाद ज्ञापन किया गया, जिसमें सेमिनार से मिले ज्ञान और अनुभवों को साझा किया गया। यह आयोजन शिक्षकों के लिए नई सीख और प्रेरणा का केंद्र बनकर
Budaun Amarprabhat