10 से 20 अप्रैल के बीच सबसे बेहतर दृश्यता, 19 अप्रैल को होगा सूर्य के सबसे करीब
संवाददाता:
बदायूँ। अप्रैल 2026 की भोर इन दिनों खास खगोलीय नजारे की गवाह बन रही है। आकाश में दुर्लभ धूमकेतु Comet C/2025 R3 (Pan-STARRS) के दर्शन से खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों में उत्साह का माहौल है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार यह धूमकेतु इन दिनों पृथ्वी के पास से गुजरते हुए सुबह के समय स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि धूमकेतु बर्फ, धूल और गैस से बने खगोलीय पिंड होते हैं, जो सूर्य के निकट आने पर चमकीली पूंछ के साथ दिखाई देते हैं। यही कारण है कि इन्हें “डर्टी स्नो बॉल” भी कहा जाता है।
इस धूमकेतु की खोज वर्ष 2025 में पैन-स्टार्स सर्वे (हवाई, अमेरिका) द्वारा की गई थी। वैज्ञानिकों के अनुसार यह एक दीर्घ-अवधि धूमकेतु है, जो करीब 1.7 लाख वर्षों बाद सौरमंडल के आंतरिक भाग में पहुंचा है, जिससे इसे अत्यंत दुर्लभ माना जा रहा है।
खगोलविद के मुताबिक 10 से 20 अप्रैल 2026 के बीच इसका दृश्य सबसे बेहतर रहेगा, जबकि 19 अप्रैल को यह सूर्य के सबसे निकट (उपसौर/पेरिहेलियन) स्थिति में होगा। इस दौरान इसकी चमक अधिक हो सकती है, हालांकि सूर्य के पास होने के कारण इसे देखना थोड़ा चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।
इस धूमकेतु को देखने का उपयुक्त समय सुबह 4:30 से 5:30 बजे के बीच बताया गया है। इसे पूर्व एवं पूर्व-उत्तर दिशा में क्षितिज के पास देखा जा सकता है। साफ आसमान और कम प्रकाश प्रदूषण वाले क्षेत्रों में इसकी दृश्यता और बेहतर रहेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह समय फोटोग्राफी के लिए भी अनुकूल है। दूरबीन या बाइनोकुलर के साथ-साथ डीएसएलआर या मिररलेस कैमरे से इसकी तस्वीरें ली जा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धूमकेतुओं की चमक समय के साथ बदलती रहती है, इसलिए इच्छुक लोग शीघ्र इसका अवलोकन करें।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 17 अप्रैल को अमावस्या होने के कारण चंद्रमा की रोशनी नहीं रहेगी, जिससे इस धूमकेतु को देखने की संभावना और बेहतर हो जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह खगोलीय घटना न केवल दुर्लभ है, बल्कि आम लोगों को ब्रह्मांड के रहस्यों को करीब से देखने का एक अनोखा अवसर भी प्रदान कर रही है।
Budaun Amarprabhat