बदायूं में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, अधिकारियों ने दिए सटीक सर्वे और किसानों को लाभ पहुंचाने के निर्देश
संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं। सहकारी गन्ना विकास समिति परिसर में गन्ना विकास परिषद के सौजन्य से गन्ना फसल सर्वेक्षण वर्ष 2026-27 को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह सर्वेक्षण कार्य 1 मई से 30 जून 2026 तक चलेगा, जिसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए जिला गन्ना अधिकारी ने कहा कि सर्वेक्षण में पारदर्शिता सर्वोपरि है और केवल उन्हीं किसानों के नाम सर्वे में शामिल किए जाएं, जिनके नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य HHC मशीन और एंड्रॉयड मोबाइल के माध्यम से ही किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे के दौरान पेड़ी प्रबंधन, गन्ने में लगने वाले प्रमुख कीट व रोगों की पहचान और उनके नियंत्रण के उपायों की जानकारी भी किसानों को दी जाए। साथ ही जिस गांव में सर्वे शुरू किया जाए, वहां पौधे और पेड़ी का सत्यापन एक साथ किया जाए। बाढ़ प्रभावित गांवों और सैंपल सर्वे को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि सर्वे कार्य सूर्योदय से पहले शुरू किया जाए और तेज धूप से बचाव के साथ स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं जीएम केन ए. सिद्दीकी ने गन्ना फसल में लगने वाले कीटों की पहचान और नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
चीनी मिल बदायूं के मुख्य गन्ना अधिकारी अनिल कुमार ने निर्देशित किया कि पेड़ी सत्यापन के दौरान जो पेड़ी मौके पर नहीं मिले, उसे रिकॉर्ड से हटाया जाए। कार्यक्रम का संचालन मुकेश कुमार चौधरी ने किया।
प्रशिक्षण में बिसौली, बदायूं, फरीदपुर, रूपापुर, न्यौली, मंझावली, करीमगंज और राजपुरा की चीनी मिलों के प्रतिनिधि, गन्ना विकास विभाग के अधिकारी, समिति सचिव और पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat