चादरपोशी, गुस्ल और दुआओं के बीच अमन-चैन की मांगी गई दुआ, देर रात तक चला लंगर
संवाददाता: आई एम खान
बिसौली। नगर की मील वाली दरगाह पर चल रहे हजरत भोले शाह उर्फ मील वाले दादा मियां का 34वां दस दिवसीय सालाना उर्स-ए-पाक शुक्रवार को कुल शरीफ के साथ अकीदत भरे माहौल में सम्पन्न हो गया। कुल शरीफ के मौके पर दरगाह पर अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
नगर पालिका अध्यक्ष अबरार अहमद की सरपरस्ती में कमेटी के पदाधिकारियों ने दरगाह पर पहुंचकर चादरपोशी व गुलपोशी कर अपनी अकीदत पेश की। सुबह के वक्त कुरानख्वानी के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद हजरत भोले शाह के मजार-ए-अकदस पर गुस्ल की रस्म अदा की गई।
गुस्ल के दौरान अकीदतमंदों की आंखें नम नजर आईं। लोगों ने बड़ी श्रद्धा के साथ इस पवित्र रस्म में हिस्सा लिया और अपनी हाजिरी लगाई। इसके बाद सामूहिक दुआ में मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की कामना की गई।
गौरतलब है कि दरगाह पर 19 मार्च से उर्स का सिलसिला चल रहा था, जो कुल शरीफ के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर दरगाह परिसर में देर शाम तक लंगर चलता रहा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर दरगाह के नाजिम हनीफ शाह, कमेटी के सदर यासीन बेग, नायब सदर सैयद जाकिर अली, खजांची सैयद मेहशर अली, मैनेजर चुन्नू सैफी, मुकेश लख्खा, आबिद अली उस्मानी, दिलशाद फारूकी, अंसार अली, ताज मोहम्मद, मो. शाकिर सहित अनेक अकीदतमंद मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat