संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूँ। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल दी है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को अब महंगे इलाज की चिंता से राहत मिल रही है। अप्रैल 2017 से दिसंबर 2025 तक जिले में 10,96,174 गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनके जरिए लाभार्थियों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है।
इलाज पर 199.99 करोड़ का खर्च, हजारों को मिला लाभ
योजना के तहत अब तक करीब 199.99 करोड़ रुपए विभिन्न उपचारों पर खर्च किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा बताता है कि योजना ने किस तरह बड़ी संख्या में लोगों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है।
हर परिवार को 5 लाख तक कैशलेस इलाज
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार अधिकृत सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में कई अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल रहा है।
गांव-गांव कैंप, जागरूकता अभियान तेज
जिला प्रशासन द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम पंचायतों, स्वास्थ्य केंद्रों और विशेष कैंपों के जरिए पात्र परिवारों का चयन कर गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। साथ ही लाभार्थियों को योजना की प्रक्रिया और सुविधाओं की जानकारी भी दी जा रही है।
गरीबों के लिए बना जीवन रक्षक सहारा
इस योजना ने गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ा सहारा दिया है। पहले जहां इलाज के लिए कर्ज लेना पड़ता था या उपचार अधूरा छोड़ना पड़ता था, अब वही लोग मुफ्त और बेहतर इलाज प्राप्त कर रहे हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल
आयुष्मान भारत योजना को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी क्रांतिकारी पहल माना जा रहा है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का काम कर रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस योजना से वंचित न रहे और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले।
Budaun Amarprabhat