निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर विभागीय कार्रवाई, शासनादेशों के उल्लंघन पर लिया गया फैसला
बदायूं। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में लापरवाही और विभागीय नियमों की अनदेखी के आरोप में तीन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं दो सहायिकाओं की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
बताया गया कि बाल विकास परियोजना कादरचौक के आंगनबाड़ी केंद्र लभारी प्रथम की कार्यकत्री मधु देवी तथा लभारी द्वितीय की सहायिका शकुंतला देवी, बाल विकास परियोजना अम्बियापुर के दीननगर शेखपुर मझारा केंद्र की कार्यकत्री सुनीता देवी, गौसमनगर मिर्जापुर सोहरा केंद्र की कार्यकत्री कुसुमलता एवं बाल विकास परियोजना इस्लामनगर के चिचौटा केंद्र की सहायिका बबिता गौतम के खिलाफ गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में सामने आया कि संबंधित कर्मियों द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन नहीं किया जा रहा था। पोषाहार घर पर रखने, केंद्र पर अनुपस्थित रहने, साफ-सफाई व्यवस्था न कराने, बच्चों की उपस्थिति एवं स्टॉक रजिस्टर सहित अभिलेखों का सही रखरखाव न करने जैसी शिकायतें मिली थीं। इसके अलावा बच्चों को शालापूर्व शिक्षा न देने, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के आवेदनों को समय से फीड न करने तथा पोषण ट्रैकर पर गतिविधियां अपडेट न करने जैसी कमियां भी जांच में सामने आईं।
विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों एवं निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। आरोप सिद्ध पाए जाने पर सक्षम अधिकारी ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया।
प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं शासनादेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं।
Budaun Amarprabhat