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ग्रामोद्योग योजना से जावित्री देवी बनीं स्वरोजगार की मिसाल

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मधुमक्खी पालन से लिखी सफलता की कहानी
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना से मिली नई पहचान
बदायूँ: 29 मई। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न लाभार्थीपरक व कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों को मिल रहा है। तहसील दातागंज के ग्राम बक्सेना निवासी जावित्री देवी ने बताया कि स्वरोजगार योजना के संबंध में दैनिक समाचार में पत्र के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के बारे में पता चला। उन्होंने इस हेतु खादी व ग्रामोद्योग विभाग में संपर्क कर योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया, इसके बाद उनके व उनके परिवार की आर्थिक व सामाजिक स्थिति में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है।
योजना की लाभार्थी जावित्री देवी पत्नी श्याम लाल, ग्रा0 व पो0 बक्सैना, तहसील दातागंज, जिला बदायॅू ने बताया कि उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित स्वरोजगार योजना के अर्न्तगत दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञाप्ति के द्वारा मुझे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना में ऋण लेने हेतु जानकारी प्राप्त हुई, मेरे द्वारा जिला ग्रामोद्योग कार्यालय पर सम्पर्क किया गया और कार्यालय द्वारा मुझे पूर्ण रूप से योजना के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की गयी जिसमे मै अपने रोजगार को स्थापित कर सकूॅू।
उन्होंने बताया कि उनकेे द्वारा उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के अर्न्तगत वर्ष 2023-24 में प्रथमा यू0 पी0 ग्रामीण बैंक, शाखा-सैजनी, जिला बदायॅू से वित्तीय सहायता प्राप्त करते हुये रू0 9.00 लाख का ऋण मौनपालन (मधुमक्खी पालन) उद्योग के अर्न्तगत उद्योग स्थापना करायी गयी। मेरे द्वारा ऋण लेने से पूर्व खेती बाडी का कार्य किया जा रहा था। उन्होने बताया कि उनके पति के मधुमक्खी पालन के अनुभव से उन्हें मौनपालन (मधुमक्खी पालन) उद्योग को विस्तार करने में सहायता मिली।
लाभार्थी जावित्री देवी द्वारा अपने काम को बढाते हुये 20 हनी बॉक्स से मौन पालन का कार्य करते हुए 150 हनी बॉक्स की स्थापना की गयी है, वह अपने काम को बड़े स्तर पर करना चाहती हैं, अब उनका काम एक अच्छे स्तर पर चल रहा है, उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग द्वारा मुझे लोन प्रदान करने के साथ ही 10 दिवसीय ई0डी0पी0 प्रशिक्षण भी कराया गया, जिससे मुझे मौन पालन/मधुमक्खी पालन उधोग की विस्तृत रूप से जानकारी प्राप्त हुई।
उन्होंने बताया कि शुरूआत में उनके द्वारा 9.00 लाख रुपए के ऋण के माध्यम से कार्य प्रारम्भ किया गया था। जो कि अब बढकर 12.00 लाख रुपए तक पहुंच गया है। हनी बॉक्स और मशीनो का क्रय करते हुये अपने काम को और आगे बढ़ाने का लक्ष्य है। आज उनकेे परिवार के साथ ही प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लोगो को रोजगार प्रदान किया जा रहा है।
लाभार्थी जावित्री देवी ने कहा कि यदि व्यक्ति द्वारा सही दिशा में सही कार्य किया जाये तो वह खादी व ग्रामोद्योग विभाग की मद्द से अपने जीवन यापन करने के साथ ही और अधिक लोगो को रोजगार से जोड़ते हुये सफलता हासिल कर सकता है। उनका सपना है कि यदि इसी प्रकार उनके उत्पाद को पंजीकृत करके अपने उद्योग को लोगो द्वारा पसन्द किया जाने लगा तो वह भी प्रदेश व देश स्तर पर अपने उत्पाद की लॉचिग करेंगी।


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