ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सीताराम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद, भक्ति और सेवा भाव से सराबोर रहा माहौल
दिनभर मंदिर परिसर में गूंजते रहे भगवान के जयकारे, श्रद्धालुओं की लगी रही कतारें
सभी धर्मों और समुदायों के लोगों ने लिया हिस्सा, सामाजिक सौहार्द का दिया संदेश
पेयजल, बैठने और स्वच्छता की रही विशेष व्यवस्था, अनुशासनपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ आयोजन
बदायूं। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर शहर के प्राचीन सीताराम मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान की पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर दिनभर भक्ति, श्रद्धा और सेवा भाव से ओतप्रोत रहा। भगवान के जयकारों और भजनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
भंडारे का शुभारंभ विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जो देर शाम तक लगातार बनी रही। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक आयोजन में भाग लिया।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष फात्मा रजा भी मंदिर पहुंचीं। उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच बैठकर अपने हाथों से प्रसाद वितरित किया और लोगों का हालचाल जाना। उनके सेवा भाव और सहभागिता की उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहना की। लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजनों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सामाजिक समरसता को और मजबूत करती है।
आयोजकों ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर प्रत्येक वर्ष विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी धर्मों और समुदायों के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल, बैठने तथा स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं को संभालते हुए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी। अनुशासित एवं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुए इस धार्मिक आयोजन की श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की और इसे आस्था तथा सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण बताया। इस मौके पर महंत कृष्ण बल्लभ महेरे, कमल रस्तोगी, सभासद मोहित सक्सेना महंत वाल मुकुंद, शिव शंकर महेरे, पूनम रस्तोगी, मनु रस्तोगी, मारुत सक्सेना, प्रिया सक्सेना आदि मौजूद थी।
Budaun Amarprabhat