संवाददाता गोविन्द देवल
इस्लामनगर (बदायूं)। राष्ट्रकवि डॉ. उर्मिलेश शंखधार की 75वीं जयंती के अवसर पर कस्बे के डीआरपी रिसोर्ट में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक सुधांशु जी, डॉ. उर्मिलेश की पुत्री डॉ. सोनरूपा तथा पुत्र डॉ. अक्षत उर्मिलेश ने मां सरस्वती एवं डॉ. उर्मिलेश के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सरस्वती वंदना डॉ. सोनरूपा ने प्रस्तुत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. अक्षत उर्मिलेश ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता रहे। संयोजक हितेंद्र शंखधार ने सभी अतिथियों एवं कवियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों और कवियों को डॉ. उर्मिलेश स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
डीसीबी अध्यक्ष हितेंद्र सिंह आधार ने कहा कि डॉ. उर्मिलेश की ननिहाल इस्लामनगर के बमनपुरी मोहल्ले में थी और उन्हें अपने मौसा तोताराम शंखधार से विशेष स्नेह था। उन्होंने बताया कि उनकी अनेक रचनाओं में इस्लामनगर और ननिहाल की स्मृतियां झलकती हैं।
कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। जयपुर से आए बनज कुमार बनज, बिल्सी के नरेंद्र गरल, लखनऊ के हास्य-व्यंग्य कवि मुकुल महान, डॉ. शैलेन्द्र कबीर, डॉ. उपदेश शंखधार, डॉ. सोनरूपा, अंबेडकर नगर के अभय निर्भीक तथा डॉ. अक्षत उर्मिलेश सहित अन्य कवियों ने ओज, राष्ट्रभाव, संवेदना और हास्य से भरपूर रचनाएं प्रस्तुत कीं। कवियों की प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में संतोष गुप्ता, संजीव गुप्ता, राकेश गुप्ता, योगेश गुप्ता, गौरीश गुप्ता, अवनीश सिंघल, मनोज कुमार, भुवनेश शर्मा, वीरेन्द्र बॉबी, शिखर गोयल, शैशव शंखधार, कौशिक शर्मा, डॉ. आलोक पाठक, डॉ. विष्णु हरि उपाध्याय, अभिनव शंखधार, रक्षित शंखधार, अंकित बिट्टू, गप्पू पाठक, मयंक वार्ष्णेय हनी, अनुज वार्ष्णेय, सुमित कटिहा, सनातन मिश्रा, अर्पित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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