लखनऊ। ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंगलवार देर शाम तक लखनऊ पहुंचेंगे। यहां 11 मार्च को कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर प्रस्तावित ‘गौ माता प्रतिष्ठा संकल्प महासभा’ के आयोजन को प्रशासन ने सशर्त अनुमति दे दी है। कार्यक्रम के लिए प्रशासन ने करीब 16 सख्त शर्तें लागू की हैं, ताकि कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।
जानकारी के अनुसार शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने वाराणसी से शुरू की गई अपनी पदयात्रा को ‘गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ का नाम दिया है। यह यात्रा गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ या ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिलाने, देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ संरक्षण को लेकर जनजागरण के उद्देश्य से निकाली गई है।
बताया जा रहा है कि शंकराचार्य ने पहले उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी मांगों को लेकर 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद 7 मार्च को काशी से यह पदयात्रा शुरू की गई, जो जौनपुर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली और उन्नाव होते हुए 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेगी।
प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देते हुए कई शर्तें तय की हैं। इनमें किसी भी धर्म, जाति, संप्रदाय या भाषा के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा राजनीतिक या धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ विवादित टिप्पणियां करने, नाबालिग बच्चों से विवादित नारे लगवाने और हथियार या घातक वस्तु लेकर आने पर भी रोक रहेगी।
इसके साथ ही कार्यक्रम में वाहनों की सीमित संख्या में ही प्रवेश दिया जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो। शांत क्षेत्र में लाउडस्पीकर, ढोल-नगाड़े या तेज संगीत बजाने पर भी प्रतिबंध रहेगा और ध्वनि प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए आयोजकों को जिम्मेदार माना जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित शर्तों का उल्लंघन होने पर कार्यक्रम की अनुमति स्वतः निरस्त कर दी जाएगी और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
11 मार्च को होने वाली इस महासभा में गौ संरक्षण के समर्थन में संकल्प लिया जाएगा और सरकार को मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत-समाज और श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
Budaun Amarprabhat