STF और पुलिस का संयुक्त एक्शन
बदायूं। फर्जी चिटफंड और निधि कंपनी बनाकर भोले-भाले निवेशकों की गाढ़ी कमाई के 25 से 30 करोड़ रुपये हड़पने वाले 50-50 हजार रुपये के दो इनामी सगे भाइयों को बदायूं कोतवाली पुलिस और यूपी एसटीएफ (गौतमबुद्धनगर यूनिट) ने संयुक्त कार्रवाई कर लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्त शशीकान्त मौर्य और उसका भाई सूर्यकांत मौर्य (निवासी कटरा चांद खां, थाना बारादरी, बरेली) ‘अमर ज्योति यूनिवर्स निधि लिमिटेड’ सहित तीन फर्जी कंपनियों के संचालक व निदेशक हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों के बैंक खातों में जमा करीब 1 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज करा दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दोनों को 7 सितंबर की शाम आलमबाग (लखनऊ) के मानस नगर स्थित फ्लैट नंबर 101 से दबोचा गया। मंगलवार को प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि दोनों भाइयों ने बदायूं के जालंधरी सराय में ‘अमर ज्योति यूनिवर्सल निधि लिमिटेड’ और बरेली में ‘अमर ज्योति रूहेलखण्ड’ व ‘अमर ज्योति हायर परचेज’ नाम से फर्जी दफ्तर खोले थे।
अभियुक्तों ने एजेंटों के जरिए फर्जी पासबुक व कूटचित दस्तावेज तैयार कर आम जनता को 18 फीसदी तक भारी ब्याज दर और रकम दोगुनी करने का सब्जबाग दिखाया। जब निवेशकों की जमा पूंजी व एफडी 25-30 करोड़ रुपये से अधिक हो गई और लोगों ने परिपक्व राशि मांगनी शुरू की, तो दोनों भाई रातोंरात कार्यालयों में ताला डालकर फरार हो गए। फरारी के दौरान दोनों दिल्ली व लखनऊ में ठिकाने बदलते रहे। पुलिस सर्विलांस से बचने के लिए वे मोबाइल में किसी सिम कार्ड का इस्तेमाल नहीं करते थे, बल्कि केवल वाई-फाई (Wi-Fi) इंटरनेट कॉलिंग से संपर्क साधते थे।
दोनों अभियुक्तों के खिलाफ बदायूं कोतवाली और बरेली के बारादरी थाने में धोखाधड़ी, गबन, कूटरचना और जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम सहित 9-9 गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है।
Budaun Amarprabhat