बदायूं। केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय के निर्देश पर गांधी जयंती के अवसर पर देशभर की ग्राम सभाओं में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का ऐतिहासिक संकल्प लिया गया। जनपद बदायूं में बाल विवाह उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय स्वयंसेवी संस्था काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान ने सरकार और जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल का पुरजोर स्वागत किया है।
गांधी जयंती पर आयोजित 2.42 लाख से अधिक विशेष ग्राम सभाओं में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पंचायत कर्मियों ने गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित किया। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) के सहयोगी संगठन के रूप में कार्यरत इस संस्थान ने कहा कि यह कदम बाल विवाह के खिलाफ जारी अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगा। गौरतलब है कि जेआरसी देश के सभी 782 जिलों में 300 से अधिक सहयोगी संगठनों के साथ इस दिशा में काम कर रहा है।
संस्थान की सचिव मीना सिंह ने केंद्र सरकार व बदायूं जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्राम सभाओं के माध्यम से शुरू हुआ यह जन-आंदोलन 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को तय समय से पहले हासिल करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा, “जब पूरा समाज और गांव एकजुट होकर खड़ा होगा, तब बदलाव तेजी से आएगा और हर बेटी अपने सपनों को निर्भीक होकर जी सकेगी।” संस्थान ने बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करने के लिए प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने का संकल्प दोहराया।
Budaun Amarprabhat