बदायूँ। शहर के प्रतिष्ठित मदर एथीना स्कूल द्वारा कक्षा-1 एवं कक्षा-2 के नन्हें-मुन्ने विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों को बदायूँ के जवाहरपुरी स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्मारक इखलाक खाँ का मकबरा, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘रोजा’ कहा जाता है, का भ्रमण कराया गया।
शिक्षकों ने बच्चों को स्मारक के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि इस मकबरे का निर्माण सन् 1690 में इखलाक खाँ की बेगम ने अपने शौहर की याद में कराया था। ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार इसे ‘काला ताजमहल’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी स्थापत्य कला और बनावट को आगरा के ताजमहल की प्रतिकृति माना जाता है। नन्हें विद्यार्थियों ने इस ऐतिहासिक धरोहर को करीब से देखा और अपनी विरासत से जुड़ी रोचक जानकारियां हासिल कीं।
विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने कहा कि कक्षा-कक्ष के किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों को आसपास के परिवेश से व्यावहारिक ज्ञान देना बेहद जरूरी है। इससे उनका सर्वांगीण विकास होता है और उनकी जिज्ञासा बढ़ती है। इसी उद्देश्य से विद्यालय समय-समय पर ऐसे ज्ञानवर्धक शैक्षिक भ्रमण आयोजित करता रहता है।
Budaun Amarprabhat