पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं, अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई के दिए निर्देश
बदायूं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं सुश्री अंकिता शर्मा ने पुलिस लाइंस सभागार में सैनिक सम्मेलन आयोजित कर पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं। समस्याओं के निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके बाद एसएसपी ने जनपद के राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों, शाखा प्रभारियों और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक की।
बैठक में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। थानों पर आने वाले शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनकर समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने पर जोर दिया गया। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की जांच और निस्तारण में समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने लंबित विवेचनाओं और प्रार्थना पत्रों का शीघ्र निस्तारण करने तथा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। महिला और बच्चों से संबंधित मामलों में गंभीरता बरतने तथा अपहृताओं की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष निर्देश दिए गए।
बैठक में हिस्ट्रीशीटर, ईनामिया और टॉप-10 अपराधियों के साथ ही मादक पदार्थों, अवैध शस्त्र और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। गैंगस्टर एक्ट के मामलों में अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
एसएसपी ने ऑपरेशन दृष्टि, ऑपरेशन कन्विक्शन, ऑपरेशन त्रिनेत्र-2.0 और ऑपरेशन दहन की भी समीक्षा की। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चिन्हित मामलों में प्रभावी पैरवी कर अधिक से अधिक मामलों में सजा दिलाने पर जोर दिया गया। वहीं ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत प्रमुख चौराहों, बाजारों और महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति पर भी जोर
मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महिला हेल्पडेस्क, एंटी रोमियो टीम, शक्ति दीदी और महिला बीट आरक्षियों को गांवों, मोहल्लों तथा स्कूल-कॉलेजों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, आत्मरक्षा तथा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
बैठक में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की भी समीक्षा हुई। प्रमुख चौराहों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने तथा जाम की स्थिति से बचने के निर्देश दिए गए। हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग, नशे में वाहन न चलाने और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कहा गया।
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को कम करने के लिए जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट (ZFD) के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने पुलिस और जनता के सहयोग से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लक्ष्य पर काम करने की बात कही।
Budaun Amarprabhat